• प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद 7 दिन का लिखित आश्वासन…
रायगढ़। जिले के शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में शनिवार को छात्रावास की बदहाल व्यवस्था और लंबे समय से लंबित मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर छात्रों एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्राचार्य कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। स्थिति तनावपूर्ण होने पर प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। अंततः नायब तहसीलदार और अतिरिक्त तहसीलदार की मध्यस्थता के बाद छात्रावास की समस्याओं के समाधान के लिए 7 दिनों के भीतर कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया गया।
48 घंटे का वादा पूरा नहीं हुआ, फिर सड़कों पर उतरे छात्र
जानकारी के अनुसार, बीते सोमवार को भी ABVP और छात्रों ने छात्रावास की विभिन्न समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। उस दौरान छात्रावास प्रबंधन ने 48 घंटे के भीतर आवश्यक कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी किसी प्रकार का समाधान नहीं होने पर शनिवार को छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा और बड़ी संख्या में छात्र व ABVP कार्यकर्ता कॉलेज परिसर में एकत्र होकर प्रदर्शन करने लगे।

मुख्य गेट बंद करने और मोबाइल छीनने की कोशिश का आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि जैसे ही उन्हें प्रदर्शन के लिए एकत्र होने की जानकारी मिली, छात्रावास का मुख्य गेट बंद कर दिया गया, जिससे हॉस्टल में रहने वाले कई छात्र अंदर ही फंस गए। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि वार्डन द्वारा कुछ छात्रों के मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की गई। इस घटना के बाद छात्रों में नाराजगी और बढ़ गई।
कड़े विरोध के बाद छात्र छात्रावास से बाहर निकले और सीधे प्राचार्य कार्यालय पहुंचकर घेराव कर दिया।
प्राचार्य की अनुपस्थिति में प्रभारी प्राचार्य से हुई तीखी बहस
प्रदर्शन के दौरान नियमित प्राचार्य की अनुपस्थिति में प्रभारी प्राचार्य बी.के. गुप्ता छात्रों के सामने आए और उनकी बातें सुनीं। हालांकि वार्ता के दौरान छात्र और प्रबंधन के बीच तीखी बहस होती रही। काफी देर तक बातचीत के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका, जिसके चलते छात्रों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जारी रखा।

छात्रों ने गिनाईं गंभीर समस्याएं, बोले— ‘पानी खरीदकर पीने को मजबूर’
ABVP और छात्रों ने छात्रावास की बदहाल स्थिति को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि लंबे समय से छात्र मूलभूत सुविधाओं के अभाव में रहने को मजबूर हैं।
छात्रों के अनुसार:
• छात्रावास में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं है, जिससे कई छात्र पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं।
• छात्रावास में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है।
• बाथरूम और शौचालयों की हालत बेहद खराब है तथा नियमित सफाई नहीं होती।
• बड़ी-बड़ी झाड़ियां और कचरे के कारण आए दिन सांप निकलने की घटनाएं हो रही हैं।
• पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा गार्ड नहीं होने से असामाजिक तत्व परिसर में घुसकर शराब पीते हैं, उत्पात मचाते हैं तथा मारपीट जैसी घटनाएं करते हैं।
• छात्रावास की खिड़कियों में करंट दौड़ने जैसी गंभीर शिकायतें भी सामने आई हैं, लेकिन कई बार शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हुई।
ABVP जिला संयोजक शिवम मिश्रा ने उठाए गंभीर सवाल
ABVP जिला संयोजक शिवम मिश्रा ने कहा कि छात्रावास की स्थिति बेहद चिंताजनक है और छात्र बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों को स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, सुरक्षा और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रबंधन द्वारा केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन धरातल पर कोई सुधार दिखाई नहीं देता। यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा, प्रबंधन को लगाई फटकार
मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार एवं अतिरिक्त तहसीलदार मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने छात्रों और कॉलेज प्रबंधन के बीच मध्यस्थता कर बातचीत कराई।
साथ ही अधिकारियों ने छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं की कमी और शिकायतों पर समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर प्रबंधन को फटकार लगाई। साथ ही छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।

बैठक के बाद प्रबंधन की ओर से 7 दिनों के भीतर छात्रावास में साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का लिखित आश्वासन दिया गया।
इसके साथ ही पुलिस को छात्रावास क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि बाहरी असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।

ABVP की चेतावनी
ABVP ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों की निर्धारित समय-सीमा के भीतर छात्रावास की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो संगठन छात्रों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेगा। परिषद का कहना है कि छात्रों के भविष्य और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।










