• सामूहिक व्रतोपनयन : संस्कार भी, सामाजिक सरोकार भी उत्कल ब्राह्मण महिला सेवा समिति, रायगढ़…
रायगढ़। सामूहिक व्रतोपनयन (जनेऊ संस्कार) सनातन परंपरा को जीवित रखने की एक उत्कृष्ट और समसामयिक पहल है। यह पहल व्यक्तिगत एवं अत्यधिक खर्चीले आयोजनों के स्थान पर एक सशक्त विकल्प के रूप में सामने आई है, जो न केवल अनावश्यक अपव्यय को कम करती है, बल्कि सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देती है।
आप सभी के सहयोग तथा उत्कल ब्राह्मण महिला सेवा समिति, रायगढ़ के तत्वावधान में पिछले पाँच वर्षों से प्रतिवर्ष वसंत पंचमी के पावन अवसर पर सामूहिक व्रतोपनयन का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में वर्ष 2026 की वसंत पंचमी पर बटमूल आश्रम, बनोरा में सामूहिक व्रतोपनयन संस्कार का आयोजन किया गया, जिसमें 11 वटुकों का विधि-विधान से व्रतोपनयन संस्कार संपन्न हुआ।
इस आयोजन में रायगढ़ जिले के साथ-साथ अन्य जिलों एवं अन्य राज्यों से भी वटुकों का पंजीयन हुआ। समिति का मुख्य उद्देश्य समाज में एकरूपता स्थापित करना तथा अनावश्यक खर्च को कम करना है। हमें विश्वास है कि इस प्रकार के सामूहिक आयोजन समाज को जोड़ने और अपव्यय पर नियंत्रण लगाने में सफल सिद्ध हो रहे हैं।
व्यक्तिगत आयोजनों की तुलना में सामूहिक आयोजनों में खर्च अत्यंत कम होता है। साथ ही यह आयोजन समाज के विभिन्न परिवारों को आपस में जोड़ता है, सामूहिक सहयोग की भावना को प्रोत्साहित करता है तथा व्यक्तिगत आयोजनों में होने वाले अनावश्यक प्रदर्शन और खर्च पर प्रभावी अंकुश लगाता है।
यह पहल न केवल हमारी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण करती है, बल्कि समाज में एकता और सहभागिता की भावना को भी सुदृढ़ करती है।
आइए, हम सब मिलकर इस प्रकार के आयोजनों को सफल बनाने हेतु निरंतर प्रयासरत रहें।
सचिव
वंदना महापात्र
उत्कल ब्राह्मण महिला सेवा समिति, रायगढ़

















