रायगढ़। तमनार थाना क्षेत्र के झिंकाबहाल गांव में सोमवार रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक तेज रफ्तार ट्रेलर बेकाबू होकर सीधे एक कच्चे मकान में घुस गया। घर के भीतर सो रहे दंपती की अचानक नींद खुली और वे घबरा कर बाहर निकले, गनीमत रही कि दोनों सुरक्षित बच गए, वरना हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।
रात 1 बजे हुआ हादसा, घर की दीवारें टूटीं
जानकारी के अनुसार, ग्राम झिंकाबहाल निवासी समारू राम ओगरे अपनी पत्नी के साथ घर में सो रहे थे। तभी लगभग 1 बजे जोरदार धमाके के साथ ट्रेलर उनके मकान की दीवार तोड़ते हुए अंदर घुस गया। आवाज सुनते ही दोनों भागकर बाहर निकले। घटनास्थल पर मलबा फैल गया और घर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
ग्रामीणों में आक्रोश, रात में ही जमा हुई भीड़
घटना की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय भारी वाहन चालक तेज रफ्तार में और अक्सर नशे की हालत में गाड़ियां चलाते हैं, जिससे लगातार हादसे बढ़ रहे हैं।
मुआवज़े की मांग पर सड़क जाम
हादसे से नाराज़ ग्रामीणों ने रात में ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और सड़कों पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। ग्रामीणों की जिद थी कि जब तक पीड़ित परिवार को उचित मुआवज़ा नहीं मिलेगा, तब तक जाम नहीं हटाया जाएगा।
तमनार पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। कई घंटे चर्चा चलती रही, पर स्थिति दोपहर तक जस की तस बनी रही।
करीब दोपहर 2 बजे, वाहन मालिक से हुई बातचीत के बाद पीड़ित परिवार को मुआवज़े की राशि दिलाई गई। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना चक्काजाम समाप्त किया और यातायात बहाल हो सका।
स्थानीयों की मांग: रात में भारी वाहनों की स्पीड पर हो नियंत्रण
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि रात के समय भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण किया जाए और नशे में ड्राइविंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि ऐसे हादसों पर रोक लग सके।












