- विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संरक्षक के रूप में समाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा, कार्यकर्ताओं से आत्मीय मुलाकात…
रायगढ़। शहर में आयोजित एक भव्य विवाह समारोह उस समय विशेष बन गया, जब छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संरक्षक सत्यनारायण शर्मा और चरण शर्मा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अपनी गरिमामयी उपस्थिति के साथ रायगढ़ पहुंचे। वे पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राधा सुनील शर्मा के सुपुत्र शुभम के विवाह समारोह में शामिल होने आए थे।
रायगढ़ प्रवास के दौरान सत्यनारायण शर्मा शहर के प्रतिष्ठित श्रेष्ठा होटल पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रामचंद्र शर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कमल किशोर शर्मा सहित ब्राह्मण समाज के कई प्रमुख कार्यकर्ताओं से हुई। इस अवसर पर सामाजिक एकता, संगठन की मजबूती और समाज के उत्थान से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा भी हुई।
इस संबंध में जानकारी देते हुए समाजसेवी कमल शर्मा ने बताया कि सत्यनारायण शर्मा का रायगढ़ आगमन न केवल एक पारिवारिक आयोजन तक सीमित रहा, बल्कि उन्होंने समाज के लोगों से संवाद कर संगठनात्मक गतिविधियों को भी नई दिशा देने का प्रयास किया।
राजनीति और समाज सेवा का मजबूत संगम….
सत्यनारायण शर्मा छत्तीसगढ़ की राजनीति का एक बड़ा और सम्मानित चेहरा रहे हैं। वे 7 बार विधायक चुने जा चुके हैं और अविभाजित मध्यप्रदेश में वर्ष 1985 में पहली बार विधानसभा पहुंचे थे। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली और जनसेवा को प्राथमिकता दी।
हालांकि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने स्वयं चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन उनके पुत्र पंकज शर्मा रायपुर ग्रामीण सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे। इसके बावजूद सत्यनारायण शर्मा ने स्पष्ट किया है कि वे राजनीति से संन्यास नहीं ले रहे हैं और जीवन के अंतिम क्षण तक कांग्रेस के लिए सक्रिय रहेंगे।
विप्र फाउंडेशन के माध्यम से समाज सेवा….
विप्र फाउंडेशन, ब्राह्मण समाज का एक राष्ट्रीय संगठन है, जो समाज के उत्थान, शिक्षा, संस्कृति और एकता के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। सत्यनारायण शर्मा को उनके लंबे सामाजिक योगदान और ब्राह्मण समाज के प्रति समर्पण को देखते हुए संगठन का राष्ट्रीय संरक्षक बनाया गया है।
उनके प्रमुख योगदानों में रायपुर में विप्र भवन/धर्मशाला के लिए भूमि उपलब्ध कराने में अहम भूमिका, युवाओं को राजनीति और समाज सेवा से जोड़ना, तथा छत्तीसगढ़ में ब्राह्मण समाज की मजबूत आवाज बनकर उभरना शामिल है।











