Sunday, September 13, 2026
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लैलूंगा एमसीएच में प्रसव के दौरान नवजात की मौत, डॉक्टर की गैरमौजूदगी में नर्स द्वारा प्रसव का आरोप…

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लैलूंगा। लैलूंगा के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र (एमसीएच) में प्रसव के दौरान नवजात की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था, चिकित्सकीय निगरानी और प्रसव के दौरान डॉक्टर की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, ऐंकड़ा निवासी वीना सिदार, पति रामरतन सिदार, को प्रसव के लिए पहले लामडांडा अस्पताल ले जाया गया था। परिजनों के मुताबिक, वहां महिला की स्थिति गंभीर बताई गई और आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे लैलूंगा एमसीएच रेफर किया गया।

डॉक्टर की गैरमौजूदगी में प्रसव कराने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि लैलूंगा एमसीएच पहुंचने के बाद डॉक्टर की अनुपस्थिति में नर्स द्वारा प्रसव कराया गया। इसी दौरान नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने प्रसव के दौरान चिकित्सकीय निगरानी को लेकर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की है।

हालांकि, नवजात की मौत का वास्तविक कारण क्या था और प्रसव के दौरान चिकित्सकीय स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

एक दिन में पांच प्रसव, व्यवस्था पर भी उठे सवाल

परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन लैलूंगा एमसीएच में कुल पांच प्रसव कराए गए। इनमें एक प्रसव ऑपरेशन के माध्यम से, एक प्रसव डॉक्टर वर्तिका की मौजूदगी में तथा तीन प्रसव नर्सों द्वारा कराए जाने की बात कही जा रही है।

एक ही दिन में कई प्रसव के बीच डॉक्टरों की उपलब्धता और प्रत्येक प्रसूता को पर्याप्त चिकित्सकीय निगरानी मिल रही थी या नहीं, इसे लेकर भी परिजनों ने सवाल उठाए हैं।

जांच और कार्रवाई की मांग

नवजात की मौत के बाद रामरतन सिदार एवं सत्यवती सिदार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि प्रभारी बीएमओ, संबंधित डॉक्टर और नर्स की भूमिका की जांच होनी चाहिए। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।

परिजनों ने पीड़ित महिला को शासन की पात्रता के अनुसार सहायता राशि उपलब्ध कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक कारण सामने लाया जाए और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाए।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या प्रसव के दौरान सभी आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्थाएं एवं निगरानी उपलब्ध थीं? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।

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