बिहार की एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माताजी पर अभद्र टिप्पणी और नारे लगने की घटना ने भारतीय राजनीति के स्तर पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। पीएम मोदी ने स्वयं कहा कि “मेरी माँ का राजनीति से कोई संबंध नहीं था, फिर भी उन्हें गाली दी गई। यह केवल मेरी माँ का नहीं, बल्कि भारत की हर माँ-बहन का अपमान है।” इस वक्तव्य से स्पष्ट है कि मामला केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की उस धारा से जुड़ा है जो “मातृदेवो भव” की परंपरा को सर्वोच्च मानती है।
कांग्रेस और आरजेडी के मंच से निकली यह अपमानजनक भाषा केवल भाजपा या मोदी जी पर प्रहार नहीं है, बल्कि पूरे समाज में स्त्रियों की गरिमा को चोट पहुँचाती है। भारतीय राजनीति में मतभेद और संघर्ष स्वाभाविक हैं, परंतु जब किसी की माता, पिता, पत्नी या परिवार पर गाली-गलौज की राजनीति उतर आए, तो यह लोकतंत्र की आत्मा को कलुषित करता है। ऐसी घटनाएँ न केवल जनता के आक्रोश को जन्म देती हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि विपक्ष के पास वैचारिक और नीतिगत लड़ाई का अभाव है।
ज्योतिषीय संकेत- यदि भारत की स्वतंत्रता कुंडली (15 अगस्त 1947, रात्रि 12:00, दिल्ली) को देखें, तो वर्तमान में शनि का प्रभाव विपक्ष पर भारी दबाव ला रहा है और साथ ही मंगल-केतु के अशुभ युति विपक्षी दलों के लिए “वाणी दोष” उत्पन्न कर रही है। यह स्थिति बार-बार विवादित वक्तव्यों और अपमानजनक नारों को जन्म दे रही है। आगामी समय (सितंबर-अक्टूबर 2025) में राहु की दृष्टि वाणी-भाव पर पड़ने से विपक्षी नेताओं की जुबान फिसलने की घटनाएँ और बढ़ सकती हैं। इसका सीधा दुष्परिणाम राजनीतिक हानि और जनआक्रोश के रूप में सामने आएगा।
विपक्ष को चेतावनी:
कांग्रेस, आरजेडी और इंडिया गठबंधन को समझना होगा कि राजनीति में वैचारिक लड़ाई और विकास के मुद्दों से जनता का समर्थन पाया जा सकता है, न कि अपशब्दों और अभद्र नारों से। प्रधानमंत्री की माताजी को गाली देना केवल नरेंद्र मोदी जी का अपमान नहीं, बल्कि हर भारतीय के मातृभाव का अपमान है। यह कृत्य जनता के मन में आक्रोश पैदा करेगा और चुनावी राजनीति में इन दलों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।यदि विपक्ष अपनी भाषा और आचरण को संयमित नहीं करता, तो आने वाले महीनों में ग्रहों का दबाव उनकी स्थिति और भी कमजोर कर देगा। भारतीय राजनीति में जनता वही दल चुनती है, जो उसकी भावनाओं का सम्मान करे, न कि उनका अपमान।मातृशक्ति का अपमान राजनीति की सबसे बड़ी भूल है। कांग्रेस और आरजेडी यदि अपनी दिशा नहीं बदलते, तो ज्योतिषीय दृष्टि से आने वाला समय उनके लिए भारी राजनीतिक पतन और पराजय लेकर आ सकता है।












