रायगढ़/ अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह 2025 के सातवें दिन संगीत प्रेमियों को तालेगांव गोवा से आए विख्यात सितार वादक उस्ताद छोटे रहमत खान की अनूठी प्रस्तुति का साक्षी बनने का अवसर मिला। उन्होंने सितार की मधुर और लयबद्ध लहरियों से ऐसा अद्भुत वातावरण निर्मित किया कि पूरा पंडाल सुरों और रागों के सागर में डूब गया
उस्ताद छोटे रहमत खान ने कार्यक्रम में पारंपरिक रागों के साथ-साथ अपनी विशिष्ट शैली के प्रयोग से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ताल और लय के उतार-चढ़ाव पर आधारित उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की गहराइयों से रूबरू कराया। बता दे कि उस्ताद छोटे रहमत खान प्रतिष्ठित धारवाड़ सितार घराने के संगीतकारों की छठी पीढ़ी से संबंधित है। संगीत साधना की परंपरा उन्हें अपने परिवार से विरासत में मिली है। बचपन से ही सितार साधना में रत रहमत खान ने अपने पिता और गुरु से संगीत की शिक्षा ग्रहण की। आगे चलकर उन्होंने देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी कला का परचम लहराया है। उन्होंने 30 वर्षों तक कला अकादमी गोवा में निदेशक के रूप में कार्य किया। रायगढ़ के श्रोताओं ने प्रस्तुति का आनंद लेते हुए तालियों की गड़गड़ाहट से उस्ताद छोटे रहमत खान का स्वागत किया।












