Saturday, March 7, 2026
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कथक की लय, ताल और भावों में रंगा चक्रधर समारोह: डॉ. योगिता मांडलिक की प्रस्तुति में झलकी रायगढ़ घराने की अनूठी छटा…

रायगढ/ चक्रधर समारोह के मंच पर सोमवार की संध्या कथक नृत्य की छटा से सराबोर रही। रायगढ़ घराने की शिष्या एवं युवा नृत्यांगना डॉ. योगिता मांडलिक ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया।

 डॉ. मांडलिक ने ताल त्रिताल में रायगढ़ घराने की प्रमुख बंदिशों के साथ भावपूर्ण प्रस्तुति दी । विशेष रूप से जब उन्होंने कृष्णभक्त कवि सूरदास के पद “मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो” पर अपने भावों की अभिव्यक्ति दी, तो पूरा कार्यक्रम स्थल कृष्णमय हो उठा। उनकी प्रस्तुति में लय की स्पष्टता, ताल पर गहरी पकड़ और भावों की सुंदरता दर्शकों को मंत्रमुग्ध करती रही।

 रायगढ़ घराने की परंपरा में पली-बढ़ी डॉ. योगिता मांडलिक ने अपनी गुरु डॉ. सुचित्रा हरमलकर के सानिध्य में कथक की गहन साधना की है। वे कई प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी प्रस्तुतियां दे चुकी हैं और अपनी विलक्षण नृत्य प्रतिभा के लिए सम्मानित भी हुई हैं।

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