रायगढ़। पाक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर शादी का झांसा देकर अनाचार करने वाले रायगढ़ के आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न भरने पर आरोपी को अतिरिक्त 4 माह का कारावास भी भुगतना होगा।
मामला कैसे शुरू हुआ?
पीड़िता की मां ने थाना बालकोनगर, कोरबा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री को आरोपी कान्हू उर्फ कन्हैया दास महंत (29 वर्ष) लंबे समय से बहलाकर अपने जाल में फंसा रहा। 10 मई 2024 को मां को बेटी के मोबाइल में आरोपी से बार-बार बातचीत का पता चला, जिसके बाद विवाद हुआ। इस दौरान पीड़िता ने घर में रखा सिंदूर पी लिया, हालांकि घरेलू उपचार से उसकी जान बच गई।
इसके बाद 12 मई को पीड़िता अपने बड़े पिता के घर गई और वहां से अपनी मर्जी से कही चली गई। 14 मई को वह आरोपी के साथ घर लौटी और बताया कि एक साल से आरोपी उसे शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक शोषण कर चुका है।
पुलिस और अदालत की कार्यवाही
मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 आईपीसी और धारा 6 पाक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ धारा 376 (2)(ढ) आईपीसी का अपराध भी जोड़ा गया और मामला एफटीएससी पाक्सो कोर्ट में पेश किया गया।
सख्त सजा का ऐलान
अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीएससी पाक्सो) देवेन्द्र साहू ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी कान्हू उर्फ कन्हैया दास महंत को दोषी पाया और 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 5 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।












