रायगढ़। नगर की प्रतिष्ठित धार्मिक एवं सामाजिक संस्था श्री राणी सती दादी सेवा समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय मंगसिर नवमी उत्सव शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुआ। पूरे कार्यक्रम में भक्ति, नृत्य और भजनों की मधुरता का अद्भुत संगम देखने मिला।
पहला दिवस: दादीजी का अलौकिक श्रृंगार और मेहंदी उत्सव
उत्सव के प्रथम दिन दादीजी का दिव्य श्रृंगार कर समिति की सदस्यों ने मेहंदी उत्सव मनाया। भव्य रूप से सजे मंदिर परिसर में दादीजी के समक्ष भक्तिमय माहौल तब और मनोहारी बन गया, जब गायिका रचिता अग्रवाल और पूर्व अध्यक्ष मधु मित्तल ने अपने सुरीले भजनों से सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। महिलाओं ने दादीजी के समक्ष नृत्य कर भक्ति भाव प्रकट किया।

दूसरा दिवस: सुरभि बिरजूका के भजनों ने बांधा समां
दूसरे दिन दादी मंदिर पहुंचते ही भजन गायिका सुरभि बिरजूका का समिति की पूर्व अध्यक्ष संतोष चिराग, वर्तमान अध्यक्षा दर्पना सिंघल और सभी सदस्यों ने पुष्पगुच्छ व चुनरी ओढ़ाकर भव्य स्वागत किया। उनके साथ कोलकाता से आए गायक राहुल व म्यूजिशियन टीम का भी सम्मान किया गया।
इसके बाद सुरभि बिरजूका ने एक से बढ़कर एक सुमधुर भजन और मंगलपाठ प्रस्तुत किए, जिन पर सभी ‘दादी सखियाँ’ अत्यंत भावपूर्ण होकर झूमती रहीं। पूरा परिसर “जय दादी री” के जयकारों से गूंजता रहा।

उत्सव के दौरान गजरा उत्सव, चुनरी उत्सव तथा दादीजी को छप्पन भोग भी अर्पित किया गया।
इसके पश्चात सदस्यों द्वारा प्रस्तुत दादी के जन्मोत्सव और विवाह की नृत्य-नाटिका ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। बच्चों ने दादी नारायणी, तनधनदास और दुर्गा देवी के रूप में मनमोहक अभिनय कर श्रद्धालुओं की खूब तालियाँ बटोरीं।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़: दर्शन व महाआरती
दोनों दिनों में सजे अलौकिक दरबार के दर्शन करने रायगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। समिति द्वारा बैठने और प्रसाद वितरण की उत्तम व्यवस्था की गई थी। भक्ति भाव से सम्पन्न महाआरती और भंडारे के साथ श्रद्धालुओं ने छप्पन भोग प्रसाद ग्रहण किया।


कार्यक्रम का समापन
पूरा कार्यक्रम समिति की पूर्व अध्यक्ष संतोष चिराग द्वारा संचालित किया गया। भक्तिभाव, नृत्य, भजन और सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता के बीच दो दिवसीय मंगसिर नवमी उत्सव का दिव्य समापन हुआ।














