जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत का सामूहिक प्रयास
रायगढ़ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन और जिला प्रशासन की सक्रियता के परिणामस्वरूप धरमजयगढ़ से लगभग 32 कि.मी. दूर वनांचल में बसा ग्राम पंचायत बेहरामार में अब बच्चों के लिए नवीन आंगनबाड़ी भवन का निर्माण हुआ है। यह भवन केवल ईंट और सीमेंट का नहीं, बल्कि गांव के सपनों, विश्वास और सामूहिक प्रयासों का प्रतीक बन चुका है।
बेहरामार के बच्चों के लिए कभी शिक्षा और पोषण केवल एक अधूरा सपना हुआ करता था। गांव का पुराना आंगनबाड़ी भवन जर्जर अवस्था में था, जिससे बच्चों को न तो नियमित शिक्षा मिल पाती थी और न ही समय पर पोषण आहार। कई बार माताओं को अपने छोटे बच्चों को लेकर दूर-दराज जाना पड़ता था, जिससे पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे थे। नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी उपयुक्त भूमि का चयन। प्रारंभ में भूमि को लेकर मतभेद थे, लेकिन ग्राम पंचायत ने संवाद, धैर्य और सहयोग के माध्यम से समस्या का समाधान किया।
जिला प्रशासन ने तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करते हुए ले-आउट तैयार किया और पंचायत एजेंसी की देखरेख में श्रमिकों ने नींव खुदाई, ईंट जोड़ाई, छत ढलाई और पुताई का कार्य पूरी निष्ठा और मेहनत से संपन्न किया। बीते प्रयासों से यह स्पष्ट हो गया है कि स्थानीय नेतृत्व और सरकारी मार्गदर्शन मिलकर छोटे-से छोटे गांव में भी शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवीन मिसाल कायम कर सकते हैं।
अब बच्चों को सुरक्षित वातावरण में नियमित शिक्षा मिल रही है। उन्हें पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, जिससे अभिभावकों की चिंता कम हुई है। साथ ही, रेडी-टू-ईट पौष्टिक आहार समय पर उपलब्ध होने से कुपोषण की समस्या में स्पष्ट कमी देखी जा रही है। माताओं के चेहरे पर संतोष और बच्चों की आंखों में उज्ज्वल भविष्य के सपने दिखाई दे रहे हैं। नवीन आंगनबाड़ी भवन केवल भौतिक संरचना नहीं, बल्कि शिक्षा, पोषण और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन चुका है।












