रायगढ़। शहर के निकट स्थापित अपना घर आश्रम के प्रणेता सदगुरु सदानंद महाराज का नगर आगमन श्रद्धा और उल्लास का केंद्र बना। वृन्दावन चौक स्थित अग्रोहाधाम में आयोजित तीन दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में नगरवासियों ने मधुर कथा-रस का भावपूर्ण श्रवण किया।
भागवत कथा के अवसर पर मंढाणिया एवं बंसल परिवार सहित सैकड़ों कृष्ण-भक्त और धर्मप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कथा के प्रवाह में भक्ति, सेवा और मानव कल्याण का संदेश गूंजता रहा, जिससे श्रोताओं ने आध्यात्मिक आनंद और पुण्य लाभ प्राप्त किया।
कथा उपरांत सदगुरु सदानंद महाराज नवीन बंसल के साथ अपना घर आश्रम पहुंचे। यहां आश्रम के पदाधिकारी राधेश्याम लेंद्रा एवं बजरंग मित्तल ने उनका आत्मीय स्वागत किया। महाराज श्री ने आश्रम का निरीक्षण किया, उपचाररत मरीजों से मिलकर कुशलक्षेम जाना और स्नेहपूर्वक संवाद करते हुए फल-बिस्किट वितरित किए।
आश्रम में समर्पण भाव से हो रही सेवा को देखकर सदगुरु सदानंद महाराज अत्यंत प्रसन्न नजर आए। उन्होंने उपस्थित जनों से कहा कि मानव सेवा ही माधव सेवा है, और अपना घर आश्रम से जुड़कर सेवा करने से जीवन सार्थक होता है।
सदगुरु सदानंद महाराज की प्रेरणा से स्थापित अपना घर आश्रम आज उत्कृष्ट मानव सेवा का प्रतीक बन चुका है। मानसिक रूप से विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले रोगियों के परिजन और अभिभावक यहां की सुव्यवस्थित देखभाल तथा उचित चिकित्सा से प्रभावित होकर संस्था के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं। यह आश्रम न केवल उपचार का केंद्र है, बल्कि करुणा, संवेदना और सेवा का जीवंत उदाहरण भी है।












