रायगढ़। बुधवार को मरीन ड्राइव स्थित श्री रामेश्वर धाम के स्वर्गीय श्री अशोक सिंघल सभा कक्ष में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) रायगढ़ विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा एवं योजना बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में रायगढ़ और सारंगढ़ जिले के प्रमुख पदाधिकारी एवं दायित्ववान कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।
प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति रही और बैठक में मिला उनका मार्गदर्शन..
बैठक का शुभारंभ भारत माता एवं श्री राम दरबार की विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ:
सुनील शर्मा जी: क्षेत्र नैतिक शिक्षा प्रमुख
पूर्णेन्द्र सिन्हा जी: प्रांत मंत्री
नंदूराम साहू जी: प्रांत सह-मंत्री
सुनील वर्मा जी: प्रांत सत्संग प्रमुख एवं सारंगढ़ जिला पालक
आचार्य राकेश जी संत मार्गदर्शक मंडल एवं प्रांत धर्माचार्य संयोजक

संगठनात्मक नियुक्तियां और परिवर्तन
बैठक के दौरान संगठन को और अधिक गतिशील बनाने के लिए नई घोषणाएं की गईं, जिन्हें उपस्थित कार्यकर्ताओं ने ‘ओम’ की ध्वनि के साथ अपनी सहमति प्रदान की:
जिला अध्यक्ष: मेट्रो हॉस्पिटल के डायरेक्टर एवं प्रख्यात नेत्र चिकित्सक डॉ. प्रभात पटेल को रायगढ़ जिले का नया अध्यक्ष घोषित किया गया। डॉ. पटेल पूर्व में नगर संघ चालक का दायित्व भी संभाल चुके हैं।
जिला मंत्री: पूर्व अध्यक्ष श्री बजरंग लाल अग्रवाल को अब रायगढ़ जिला मंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दो सत्रों में चली इस बैठक में पिछली कार्ययोजनाओं की समीक्षा की गई और संगठन को जमीनी स्तर (नीचे स्तर) तक ले जाने की रणनीति बनाई गई।
नैतिक पतन और समाधान: क्षेत्र नैतिक शिक्षा प्रमुख सुनील शर्मा जी ने समाज में बढ़ते नैतिक पतन पर चिंता व्यक्त की और बताया कि इसी उद्देश्य से संगठन में ‘नैतिक विभाग’ के नए कार्यक्षेत्र का निर्माण किया गया है जिससे समाज में खासतौर पर युवाओं में व्याप्त बुराइयों की समाप्ति हो और पुनः एक नए सशक्त भारत का निर्माण किया जा सके ।
संगठन विस्तार: प्रांत मंत्री पूर्णेन्द्र सिन्हा जी ने संगठनात्मक कार्यों की बारीकियों और विस्तार की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
संतों की भूमिका: आचार्य राकेश जी ने विहिप की स्थापना के उद्देश्यों और संगठन में संतों की निर्णायक भूमिका के बारे में कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
कार्यकर्ता धर्म: नंदूराम साहू जी ने दायित्व निर्वहन और एक निष्ठावान कार्यकर्ता के कर्तव्यों के विषय में विस्तार से जानकारी दी।
बैठक का समापन ‘जय श्री राम’ के उद्घोष और विश्व हिंदू परिषद के पारंपरिक 16 जय घोष के साथ ऊर्जावान वातावरण में हुआ। बैठक में तय किया गया कि आगामी समय में हिंदू समाज को संगठित करने के लिए सेवा और संस्कार के कार्यों में तेजी लाई जाएगी।











