Thursday, January 15, 2026
HomeNewsमोदी जी के विकसित भारत की कल्पना को साकार करेगी जी राम...

मोदी जी के विकसित भारत की कल्पना को साकार करेगी जी राम जी योजना: भूपेंद्र सवन्नी…

• प्रेस वार्ता में सवन्नी ने पूछा कांग्रेस और इंडी गठबंधन को विकसित भारत और भगवान् राम के नाम से इतनी नफरत क्यों है?

• क्रेडा अध्यक्ष ने बताया मोदी सरकार ने इस योजना पर सर्वाधिक 8.53 लाख करोड़ रुपये खर्च किए…

• सीएम साय – वित्त मंत्री ओपी की जोड़ी प्रदेश में विकास योजनाओं का कर रही बेहतर क्रियान्वयन…

रायगढ़। प्रदेश के अक्षय ऊर्जा क्रेडा अध्यक्ष ने रायगढ़ में मोदी सरकार द्वारा रोजगार गारंटी योजना में किए गए सुधारों के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा मनरेगा मौजूद विसंगतियों को दूर करने एवं मोदी सरकार के विकसित भारत की कल्पना को साकार करने के लिए मनरेगा में सुधारों को लागू करते हुए ही जी राम जी योजना लागू की जा रही है।कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध के संबंध में क्रेडा अध्यक्ष में मीडिया से कहा आखिर कांग्रेस और इंडी गठबंधन को विकसित भारत और भगवान् राम के नाम से इतनी नफरत क्यों है? कांग्रेस कितनी भी साजिश रच ले, मोदी जी द्वारा लागू की जा रही विभिन्न योजनाओं की पारदर्शिता की वजह से  देश 2047 तक ‘विकसित भारत’ बन कर रहेगा। योजना के उद्देश्य के संबंध में कहा हर गरीब को रोजगार मिले और उसकी गरिमा का सम्मान हो। गरीब, जनजाति और पिछड़ों  को रोजगार की सुनिश्चितता करने  यह क़ानून लाया गया है। ‘नई योजना के लाभ बताते हुए कहा काम के ज्यादा दिनों के साथ साथ मजदूरों को जल्दी  पारिश्रमिक मिलेगा। हर ग्रामीण परिवार को हर साल 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। वन क्षेत्र में काम करने वाले ST कामगारों को 25 दिन का रोजगार और अधिक मिलेगा।

मनरेगा पर अब तक 11.74 लाख करोड़ रुपयों में  सबसे अधिक खर्च मोदी सरकार ने 8.53 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। कांग्रेस इस योजना का नाम बदलने पर विधवा विलाप कर रही है।  क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र ने अहम एवं चौंकाने वाली जानकारी देते हुए कहा रोजगार योजना का नाम पहले से महात्मा गाँधी जी के नाम पर नहीं था। 1980 में इंदिरा गांधी ने सभी पुरानी रोजगार योजनाओं को मिला कर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम योजना का नाम दिया जिसे राजीव गाँधी ने जवाहर रोजगार योजना का नाम दे दिया। सोनिया-मनमोहन की सरकार ने 2004 में इसे NREGA कर दिया गया जिसे फिर 2005 में MNREGA किया गया। कांग्रेस की सरकार ने जब जवाहर रोजगार योजना का नाम बदला था तो क्या यह पंडित जवाहरलाल नेहरू का अपमान नहीं था?  इसी तरह, आवास योजना का नाम पहले ग्रामीण आवास योजना था, राजीव गांधी ने 1985 में इसका नाम बदल कर इंदिरा आवास योजना कर दिया था। अप्रैल 2005 में कांग्रेस सरकार ने ग्रामीण विद्युतीकरण योजना को राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना कर दिया। हर योजना  नेहरू,इंदिरा, राजीव गांधी के नाम पर की जाती रही। जबकि  मोदी सरकार में नाम नहीं, काम बोलता है। 2005 में मनरेगा शुरू हुई लेकिन अब ग्रामीण भारत बदल गया है। 2011-12 में ग्रामीण गरीबी 25.7% से घटकर 2023-24 में 4.86% रह गई। साथ ही, कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है और आजीविका में विविधता आई है। पुराना ओपन-एंडेड मॉडल अब आज की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से मेल नहीं खाता। 2005 में हमारी ज़रूरतें अलग थीं, अब हमारी ज़रूरतें अलग हैं इसलिए इस ग्रामीण रोजगार योजना को 2025 की आवश्यकताओं के साथ पुनः व्यवस्थित करना आवश्यक था। कांग्रेस की सरकार में मनरेगा में मौजूद विसंगतियों का जिक्र करते हुए भूपेंद्र सवन्नी ने कहा इस योजना में पारदर्शिता का अभाव रहा।लेकिन बदली परिस्थितियो में इसे पूरी तरह से पारदर्शी बनाया गया है । अब इसमें रियल टाइम डेटा अपलोड होगा। GPS और मोबाइल मॉनिटरिंग होगी और AI के द्वारा फ्रॉड डिटेक्शन होगा। इससे सही लाभार्थियों को काम मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। नए सुधार के तहत 4 प्राथमिकताये तय की गई है जिनमें जल संबंधी कार्य,कोर-ग्रामीण बुनियादी ढांचा का निर्माण,आजीविका संबंधी बुनियादी ढाँचा का निर्माण और खराब मौसम के कारण काम में कमी को कम करना है। जल सुरक्षा से खेती को बढ़ावा मिलेगा, सड़कें और कनेक्टिविटी से बाज़ार में सुधार होगा, भंडारण और आजीविका संपत्तियां ग्रामीण आय में वृद्धि लाएगी और जलवायु-अनुकूल कार्य गांवों को सशक्त बनायेंगे। VB-G RAM G बिल में  बुआई और कटाई के मौसम में 60 दिन काम बंद करने का प्रावधान किया गया है ।  इसका उद्देश्य बुआई और कटाई के समय मजदूरों की कमी नहीं होने देना है। जबकि मनरेगा में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। मनरेगा में 15 दिन में मजदूरी का भुगतान होता था। जबकि नए प्रावधानों के तहत हर हफ्ते पेमेंट किया जा सकता है। कांग्रेस की सरकारों में नामकरण को लेकर की गई राजनीति का खुलासा करते हुए कहा देश के लगभग 600 संस्थानों, योजनाओं, पुरस्कारों के नाम गाँधी परिवार के नाम पर रखे। देश के खेल रत्न अवार्ड को भी राजीव गाँधी के नाम पर रखा गया जबकि खेल में राजीव गाँधी जी का कोई योगदान नहीं था। कांग्रेस पार्टी नेहरू-गांधी खानदान के सदस्यों के जन्मतिथि को राष्ट्रीय पर्व और पुण्यतिथि को राष्ट्रीय शोक का दिन बनाया गया। कांग्रेस की सरकारों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी, सरदार वल्लभ भाई पटेल जी, लाल बहादुर शास्त्री जी जैसे कई नेताओं के साथ दोयम दर्जे का बर्ताव किया गया। इस संबंध की जानकारी प्रवक्ता बब्बल पांडेय ने दी है।

योजनाओं का नाम बदल कर मोदी सरकार ने कराया राष्ट्रीयता का एहसास

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने अपने या किसी के नाम पर योजना का नामकरण नहीं किया, बल्कि उन्होंने इसे सेवा से हर भारतीय को राष्ट्रीयता का एहसास कराते हुए आदर्श मिशाल पेश की है।मोदी सरकार ने राजभवन का नाम बदलकर लोकभवन,राजपथ का नाम बदलकर  कर्तव्य पथ रेस कोर्स रोड  का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग,प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नाम बदलकर  सेवा तीर्थ नाम रखा । भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) (2023) तीन नए भारतीय कानून हैं,ये कानून भारतीय दंड संहिता (IPC), आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (IEA) को बदलने के लिए लाए गए हैं।

सीएम साय – वित्त मंत्री ओपी के कुशल वित्तीय प्रबंधन की भूपेंद्र ने की सराहना

प्रेस वार्ता के दौरान नए कानून के  तहत राज्यों का अंश बढ़ाए जाने पर छग में वित्तीय भार पड़ने के सवाल पर भूपेंद्र सवन्नी ने कहा साय सरकार में ओपी चौधरी के कुशल वित्तीय प्रबंधन से ना केवल मोदी की हर गारंटी पूरी हुई है चाहे वह कर्ज माफी की हो या धान का समर्थन मूल्य बढ़ाने की बात हो या किसानो को एकमुश्त भुगतान का विषय हो 22 महीने से लगातार प्रदेश की महतारीयो को अब तक 150 हजार करोड़ रुपए दिए जा चुके है यह ओपी चौधरी की कुशल वित्तीय प्रबंधन का प्रमाण है। सवाल पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा देश के 21 राज्यों में भाजपा एवं उनके गठबंधन की सरकार है जिन्हें अपना हिस्सा देने में तकलीफ नहीं लेकिन जहां कांग्रेस की सरकार है वहां कमजोर वित्तीय प्रबंधन की वजह से मजदूरों को देने के लिए कांग्रेस सरकार माली हालत खराब होने का रोना रो रही है।

इनकी रही मौजूदगी

रायगढ़ जिला संगठन प्रभारी ,प्रशांत सिंह ठाकुर,अरुण धर दीवान,सत्यानंद राठिया,गुरुपाल भल्ला,सतीश बेहरा,विवेक रंजन सिन्हा,विकास केड़िया,जतिन साव,अनुपम पाल, अरुण कातोरे, नरेश पंडा, विलिस गुप्ता, गोकुल यादव, नीलम रंजू संजय, विनायक पटनायक, पावन अग्रवाल,गायत्री केसरवानी, कमला राठिया, सुरेश गोयल, सुमीत शर्मा, मधुलता पटेल, संजय अग्रवाल,लोचन पटेल,प्रफुल्ल शर्मा की मौजूदगी रही।

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Popular Articles