• छोटा हाथी कर रहा था शरारत, बड़े हाथी ने पूंछ और कान पकड़कर सिखाया सबक
रायगढ़। रायगढ़ जिले के पुसल्दा गांव के जंगल से एक ऐसा दुर्लभ दृश्य सामने आया है जिसने वन विभाग के अधिकारियों से लेकर वन्यजीव प्रेमियों तक को चौंका दिया है। ड्रोन कैमरे में रिकॉर्ड हुए इस दृश्य में एक बड़े हाथी को छोटे शरारती हाथी को अनुशासन सिखाते हुए देखा गया नज़ारा इतना मानवीय और भावनात्मक था कि कुछ पल को आप भूल जाएंगे कि ये जंगली जानवर हैं।
जानकारी के अनुसार एक छोटा नर हाथी जंगल में अराजकता फैला रहा था, पेड़ों को तोड़ रहा था और झुंड से अलग होकर शोर मचा रहा था। तभी एक वयस्क नर हाथी (संभवतः उसका अभिभावक या झुंड का नेता) आगे बढ़ता है, और बेहद अनोखे ढंग से – उसकी पूंछ पकड़कर उसे खींचकर शांत करता है, जैसे कोई बड़ा बुजुर्ग बच्चे को डांटते हुए समझा रहा हो।
छाल रेंज में कार्यरत ‘हाथी मित्र दल’ की टीम ने इस नज़ारे को अपने ड्रोन कैमरे से रिकॉर्ड किया और अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने भी इसे एक शिक्षाप्रद और प्रेरणादायक उदाहरण बताया है कि कैसे जंगल के भीतर भी नियम, अनुशासन और सामाजिक संरचना मौजूद होती है।
यह दृश्य न केवल दिलचस्प है, बल्कि हाथियों के मानव जैसे सामाजिक व्यवहार और अनुशासन प्रणाली की एक शानदार झलक भी देता है। वैज्ञानिकों के अनुसार हाथियों की स्मृति, भावनाएं, सहानुभूति, और नेतृत्व के गुण इंसानों जैसे ही होते हैं।
हाथियों की ‘संवेदनशीलता’ और ‘स्मार्टनेस’ का नमूना
• हाथी अपनों की मौत पर शोक मनाते हैं।
• वे दर्पण में खुद को पहचान सकते हैं – यह क्षमता सिर्फ इंसानों, कुछ प्राइमेट्स और डॉल्फ़िन्स में होती है।
• हाथियों के झुंड में बुजुर्ग मादा (मैट्रीआर्क) निर्णय लेती है, और बड़े नर हाथी अक्सर अनुशासन बनाए रखने में मदद करते हैं।
क्यों खास है यह दृश्य?
इस तरह के व्यवहार को कैमरे में कैद कर पाना बेहद दुर्लभ है, क्योंकि हाथी आमतौर पर घने जंगलों में रहते हैं और ऐसे आत्मीय सामाजिक क्षणों को कैमरे में लेना लगभग असंभव माना जाता है।







