रायगढ़। देश के विख्यात हीरा उद्योगपति घनश्याम ढोलकिया आज रायगढ़ प्रवास पर रहे। उनके मुख्य आतिथ्य में ढिमरापुर रोड, कार्मेल स्कूल के समीप किसना डायमंड एंड गोल्ड ज्वेलरी के विशाल विशेष प्रतिष्ठान का शुभारंभ किया गया।
यह प्रतिष्ठान मनोज मित्तल, विमल मित्तल और धीरज मित्तल के नेतृत्व में संचालित होगा। तीनों संचालक प्रतिष्ठान की गतिविधियों का मार्गदर्शन करते हुए ग्राहकों को हीरा एवं स्वर्ण आभूषणों की विविध और विश्वसनीय शृंखला उपलब्ध कराएंगे।
इस अवसर पर श्री ढोलकिया ने मित्तल परिवार की सराहना करते हुए कहा कि देशभर में किसना के 133 से अधिक विशेष प्रतिष्ठान संचालित हैं, किंतु रायगढ़ में स्थापित यह प्रतिष्ठान अपने भव्य स्वरूप, साज-सज्जा और सुव्यवस्थित विन्यास के कारण सबसे उत्कृष्ट और आकर्षक प्रतीत होता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रतिष्ठान शहर के आभूषण बाजार में नई पहचान स्थापित करेगा और ग्राहकों का विशेष भरोसा अर्जित करेगा।
यह आयोजन केवल एक शोरूम उद्घाटन नहीं, बल्कि रायगढ़ के व्यापारिक मानचित्र पर नई चमक जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षण माना जा रहा है।

रायगढ़ में नई चमक
ढिमरापुर मार्ग स्थित यह विशेष प्रतिष्ठान आधुनिक साज-सज्जा, सुव्यवस्थित प्रदर्शन व्यवस्था और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था से सुसज्जित है। यहां हीरा एवं स्वर्ण आभूषणों की नवीनतम, प्रमाणित और आकर्षक श्रृंखला उपलब्ध रहेगी।
समारोह में रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठीया, जिला भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अरुण धर दीवान, समाजसेवी सुनील अग्रवाल, पार्षद पूनम सोलंकी तथा एम डब्ल्यू एस परिवार सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहें।

संघर्ष से वैश्विक पहचान तक: एक प्रेरक यात्रा
वर्ष 1992 में स्थापित हरि कृष्णा समूह की सफलता गाथा संघर्ष, विश्वास और दूरदर्शिता की मिसाल है। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह सफर आज हीरा निर्माण, परिष्करण और निर्यात के क्षेत्र में विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित नाम बन चुका है।
वर्ष 1993 में व्यापारिक नुकसान जैसी चुनौतियों के बावजूद घनश्याम ढोलकिया ने धैर्य और पारदर्शिता को आधार बनाकर सुदृढ़ व्यावसायिक मॉडल विकसित किया। आज उनके नेतृत्व में समूह के हीरे 100 से अधिक देशों तक पहुंच रहे हैं। सूरत स्थित अत्याधुनिक इकाइयों में प्रतिमाह हजारों कैरेट हीरों का परिष्करण किया जाता है।
व्यवसाय के साथ प्रकृति और समाज के प्रति प्रतिबद्धता
घनश्याम ढोलकिया केवल उद्योगपति ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े व्यक्तित्व भी हैं। उन्होंने:
• अब तक 30 लाख से अधिक पौधे ग्राहकों के नाम पर रोपित किए जा चुके हैं।
• वर्षों से कंपनी में किसी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला गया, यह अपने आप में अनूठी मिसाल है।
• उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को आवास, वाहन और पर्यटन पैकेज जैसे प्रोत्साहन दिए जाते हैं।
उनका मानना है कि व्यापार केवल लाभ का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को लौटाने का अवसर है। यही सोच हरि कृष्णा समूह को उद्योग जगत में अलग पहचान देती है।
किसना की देशव्यापी सशक्त उपस्थिति
वर्ष 2005 में आरंभ किया गया किसना ब्रांड आज देश के प्रमुख आभूषण ब्रांडों में शामिल है :
• देशभर में 3500 से अधिक विक्रय केंद्र
• 130 से अधिक विशेष शोरूम
छोटे शहरों तक मजबूत पहुंच।
किसना ने संगठित आभूषण बाजार में गुणवत्ता, पारदर्शिता और आधुनिक डिजाइन के बल पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।
रायगढ़ के लिए गौरव का अवसर
घनश्याम ढोलकिया जैसे राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त उद्योगपति का आगमन इस बात का संकेत है कि रायगढ़ अब बड़े व्यापारिक समूहों की प्राथमिकता सूची में शामिल हो रहा है।
किसना का यह नया प्रतिष्ठान स्थानीय बाजार में प्रतिस्पर्धा, आधुनिकता और रोजगार के नए अवसरों को सुदृढ़ करेगा। साथ ही शहर के ग्राहकों को राष्ट्रीय स्तर के ब्रांड की नवीनतम हीरा एवं स्वर्ण आभूषण श्रृंखला का लाभ यहीं उपलब्ध होगा।
रायगढ़ ने आज एक ऐसे उद्योगपति का स्वागत किया, जिसने संघर्ष से सफलता तक की यात्रा में न केवल व्यापार को ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि प्रकृति, कर्मचारियों और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी सर्वोच्च स्थान दिया।













