रायगढ़। फाल्गुन सुदी एकादशी की पावन बेला पर निकली 6वीं ऐतिहासिक अर्जी निशान यात्रा ने पूरे शहर को आस्था और उल्लास के अद्भुत रंग में सराबोर कर दिया। देर शाम तक सड़कों पर भक्ति का महासागर उमड़ता रहा। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता, गगनभेदी जयघोष और ढोल-नगाड़ों की गूंज ने नगर को एक विराट उत्सव स्थल में परिवर्तित कर दिया। इस दौरान 2000 से अधिक श्रद्धालुओं ने निशान उठाकर यात्रा में भाग लिया। श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह को देखकर रायगढ़ में खाटू जैसा दिव्य नजारा देखने को मिला।

श्री श्याम दीवाने परिवार, रायगढ़ के तत्वावधान में आयोजित यह भव्य यात्रा श्री राम मंदिर, गांधी गंज से प्रारंभ हुई, जिसका मार्ग भर जगह-जगह स्वागत किया गया। यात्रा जब गौरी शंकर मंदिर चौक पहुंची, तो वहां का दृश्य देखते ही बन रहा था। बाबा के सुसज्जित रथ का स्वागत आतिशबाजियों की जगमगाहट, आसमान में उड़ते रंग-बिरंगे गुब्बारों और पुष्पवर्षा के साथ किया गया। चारों ओर रोशनी की चमक और “जय श्री श्याम” के जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु इस अलौकिक क्षण को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए।

यात्रा में सजी नयनाभिराम झांकियां, फूलों से सुसज्जित दिव्य रथ तथा भक्तों के केसरिया व पीले वस्त्र आस्था की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत कर रहे थे। इत्र वर्षा और फूलों की होली ने माहौल को और अधिक उल्लासपूर्ण बना दिया। मार्ग भर भजन-कीर्तन और ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा शहर भक्ति रस में डूबा रहा। यात्रा में हरियाणा से पधारे सुप्रसिद्ध कलाकार अनिल तिलकधारी एवं उनके दल की ऊर्जावान प्रस्तुतियां भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।

एम.जी. रोड, रामनिवास टॉकीज, हटरी चौक, गद्दी चौक और सुभाष चौक से होते हुए यात्रा संजय कॉम्प्लेक्स स्थित श्री श्याम मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ श्रद्धापूर्वक निशान अर्पित किए गए।

यह ऐतिहासिक आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का प्रेरक उदाहरण भी बना। रायगढ़ ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि यहां की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएं पूरे उत्साह और भव्यता के साथ जीवित हैं।
“हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” के जयघोष के साथ संपन्न हुई यह निशान यात्रा शहरवासियों के लिए लंबे समय तक अविस्मरणीय बनी रहेगी।



















