Friday, March 6, 2026
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दो दशकों से देश-विदेश में शास्त्रीय संगीत की खुशबू बिखरने वाली डॉ. मेघा राव और बहन शुभ्रा तलेगांवकर ने शास्त्रीय संगीत से बांधा समां…

दोनों बहनों की भक्तिमय भजनों की सुरमयी धारा में डूबे श्रोता

रायगढ़/ अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह 2025 में रविवार की शाम हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की सुरमयी प्रस्तुति से सजी। समारोह में ख्याति प्राप्त शास्त्रीय गायिका डॉ. मेघा तलेगांवकर राव और उनकी छोटी बहन शुभ्रा तलेगांवकर ने अपनी मनमोहक भक्तिमय भजन गायकी से उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया और समारोह में शास्त्रीय संगीत की खुशबू बिखेर दी।

डॉ. मेघा राव और शुभ्रा तलेगांवकर परिवार की तीसरी पीढ़ी की प्रतिभाशाली कलाकार हैं। उन्होंने बचपन से ही शास्त्रीय संगीत की साधना शुरू की और मेघा प्रारंभिक प्रशिक्षण ग्वालियर घराने के प्रख्यात संगीतज्ञ पंडित रघुनाथ तलेगांवकर के सानिध्य में शुरू हुआ। अपने पिता पंडित केशव तलेगांवकर एवं माता श्रीमती प्रतिभा केशव तलेगांवकर से उन्नत प्रशिक्षण हुआ। उन्होंने अपनी अद्भुत प्रतिभा का लोहा पूरे भारत और विदेशों में मनवाया है।
शुभ्रा तलेगांवकर आकाशवाणी की चयनित कलाकार हैं और देशभर के प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी प्रस्तुतियां दे चुकी हैं। उनकी उल्लेखनीय प्रस्तुतियों में एनजेडसीसी पटियाला, प्राचीन कला केंद्र चंडीगढ़, रज़ा फाउंडेशन दिल्ली, घराना फेस्टिवल, सांदीपनि संगीत महोत्सव पोरबंदर, सुनाद पंजाब यूनिवर्सिटी, ताज महोत्सव आगरा, अलीगढ़ महोत्सव, रामोत्सव अयोध्या प्रमुख हैं।समारोह में उन्होंने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत और भजन गायकी के माध्यम से ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। बीते दो दशकों से भारत, चीन, दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप में शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियों और साधना के लिए ख्याति प्राप्त डॉ. मेघा और शुभ्रा तलेगांवकर की यह प्रस्तुति दर्शकों के लिए अविस्मरणीय रही।

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