रायगढ़। छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका के रायगढ़ प्रवास के दौरान देवकी रामधारी फाउंडेशन के चेयरमैन दीपक डोरा ने उनका साधुवाद कर अभिनंदन किया। इस अवसर पर समाजहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा भी हुई।
उल्लेखनीय है कि 3 मई 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट के दौरान दीपक डोरा ने एक प्रेरणादायी प्रस्ताव रखा था। उन्होंने आग्रह किया था कि जिन परिवारों ने अपने परिजनों के मरणोपरांत नेत्रदान एवं देहदान जैसे महान एवं मानवसेवा से जुड़े कार्य किए हैं, उन्हें 15 अगस्त एवं 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर राजकीय सम्मान प्रदान किया जाए।
इसके अतिरिक्त, राज्यपाल के पूर्व रायगढ़ प्रवास के दौरान भी दीपक डोरा ने यह मांग उनके समक्ष रखी थी, जिसे गंभीरता से लिया गया।
इस प्रस्ताव को सकारात्मक रूप से स्वीकार करते हुए स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया द्वारा आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि मरणोपरांत नेत्रदान एवं देहदान करने वाले परिजनों को सम्मानित करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
राज्यपाल महोदय ने इस पहल की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि यह व्यवस्था केवल एक क्षेत्र तक सीमित न रहकर पूरे छत्तीसगढ़ में प्रभावी रूप से लागू की जाए, ताकि समाज में अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता, सम्मान और प्रेरणा की भावना और अधिक सुदृढ़ हो सके।
निश्चित रूप से यह पहल मानवीय मूल्यों को सशक्त करने और समाज में सेवा संस्कार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
देवकी रामधारी फाउंडेशन के चेयरमैन दीपक डोरा लंबे समय से सामाजिक जागरूकता, मानव सेवा तथा अंगदान–देहदान जैसे जनहितकारी विषयों पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप यह विषय अब नीतिगत स्तर पर क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो समाज के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बनता जा रहा है।













