रायगढ़। जिले के चक्रधर नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत संबलपुरी के समीप राजस्व जंगल में दो ग्रामीणों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतकों की पहचान ग्राम छोटे रेगड़ा निवासी पुनीलाल यादव उर्फ मंत्री यादव (51 वर्ष) और संदीप उरांव (24 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में दोनों की मौत जानवरों के शिकार के लिए लगाए गए करंट की चपेट में आने से होने की आशंका जताई जा रही है। मामले में साथ गए ग्रामीणों पर शव छिपाने का गंभीर आरोप लगा है।
शिकार पर निकले थे सात लोग, दो नहीं लौटे
जानकारी के अनुसार, 9 दिसंबर की सुबह करीब 4 बजे गांव के सात लोग जंगल की ओर शिकार के लिए निकले थे। शाम तक सभी लौट आए, लेकिन पुनीलाल यादव और संदीप उरांव घर नहीं पहुंचे। परिजनों ने पहले स्वयं तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। दो दिन की खोजबीन के बाद 12 दिसंबर की शाम परिजनों ने चक्रधर नगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
जंगल में झाड़ियों के बीच मिले शव
शिकायत के अगले दिन 13 दिसंबर की सुबह पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम को संबलपुरी नाला के पास राजस्व जंगल में झाड़ियों के बीच दोनों के शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची टीम ने शवों को बरामद किया। एक मृतक के हाथ में जलने के स्पष्ट निशान पाए गए, जिससे करंट से मौत की आशंका और मजबूत हुई है।
कोटवार का आरोप: करंट से मौत, शव छिपाए गए
ग्राम रेगड़ा के कोटवार शौकीलाल सारथी ने आरोप लगाया कि शिकार के लिए लगाए गए अवैध करंट की चपेट में आने से दोनों की मौत हुई। साथ गए अन्य ग्रामीणों ने खुद को बचाने के लिए घटना की जानकारी छिपाई और शवों को जंगल में छुपा दिया। बताया गया कि सातों में से बाकी लोग सुरक्षित लौट आए थे, लेकिन उन्होंने किसी को भी दोनों के बारे में सूचना नहीं दी।
4 संदिग्ध हिरासत में, एक फरार
चक्रधर नगर थाना प्रभारी जी. एल. साहू ने बताया कि गुमशुदगी की रिपोर्ट के आधार पर तलाश की जा रही थी। सूचना मिलने पर मौके से शव बरामद किए गए हैं। मामले में छोटे रेगड़ा निवासी राजू उरांव, विकास, जय किशन और रमेश (45 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि आकाश की तलाश जारी है। पुलिस अवैध शिकार, करंट लगाने और साक्ष्य छिपाने के एंगल से जांच आगे बढ़ा रही है।
पुलिस और वन विभाग ने ग्रामीणों से अवैध शिकार और करंट जैसे खतरनाक तरीकों से दूर रहने की अपील की है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।












