Friday, February 27, 2026
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छत्तीसगढ़ बजट 2026–27: संवेदनशीलता, संकल्प और समृद्धि की निर्णायक रूपरेखा…

• नेतृत्व की स्पष्ट दृष्टि और विकास का आत्मविश्वास…

• पंडित कान्हा शास्त्री (ज्योतिर्विद, लेखक एवं सामाजिक विश्लेषक)

रायगढ़। छत्तीसगढ़ का वर्ष 2026–27 का प्रस्तुत बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य की सामूहिक आकांक्षाओं का घोषणापत्र प्रतीत होता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओ.पी चौधरी की आर्थिक दूरदर्शिता में तैयार यह बजट स्पष्ट संकेत देता है कि सरकार अल्पकालिक लोकप्रियता के बजाय दीर्घकालिक स्थिरता और समृद्धि को प्राथमिकता दे रही है। यह विकास के साथ विश्वास का भी बजट है।

कृषि से समृद्धि तक: गाँव बने विकास का केंद्र

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए किए गए प्रावधान यह दर्शाते हैं कि राज्य की प्रगति का मार्ग गाँवों से होकर गुजरता है। सिंचाई, समर्थन तंत्र, प्रसंस्करण और विपणन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदम केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि किसानों की आय और सम्मान दोनों को बढ़ाने का प्रयास हैं। यह दृष्टिकोण ग्रामीण छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाने में निर्णायक साबित हो सकता है।

‘रानी दुर्गावती योजना’: बेटियों के भविष्य में ऐतिहासिक निवेश

इस बजट की सबसे प्रेरणादायी घोषणा ‘रानी दुर्गावती योजना’ है। इसके अंतर्गत बालिकाओं को 18 वर्ष पूर्ण करने पर 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की तैयारी की गई है। यह केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि बेटियों की शिक्षा, सम्मान और स्वावलंबन में राज्य का विश्वास है। यह योजना सामाजिक सुरक्षा के साथ सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन सकती है। स्पष्ट संदेश है—छत्तीसगढ़ अपनी बेटियों को बोझ नहीं, भविष्य की शक्ति मानता है।

महिला सशक्तिकरण: संवेदना से सशक्तिकरण तक

महिलाओं के आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रावधान समावेशी विकास की अवधारणा को व्यवहार में उतारने का प्रयास हैं। स्वरोजगार, पोषण, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े कदम समाज की नींव को सुदृढ़ करेंगे। जब महिलाएँ सशक्त होंगी, तभी परिवार और राज्य दोनों सशक्त होंगे।

युवा शक्ति: कौशल, रोजगार और नवाचार का नया अध्याय

युवाओं को केंद्र में रखकर तैयार योजनाएँ राज्य को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने का संकेत देती हैं। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, स्टार्टअप प्रोत्साहन और रोजगार सृजन की पहलें दर्शाती हैं कि सरकार भविष्य की चुनौतियों के लिए अभी से तैयारी कर रही है। यह केवल नौकरी का प्रश्न नहीं, बल्कि अवसर और आत्मविश्वास के निर्माण का संकल्प है।

स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना: प्रगति की त्रिवेणी

स्वास्थ्य और शिक्षा पर बढ़ा व्यय मानव संसाधन विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ सामाजिक प्रगति का आधार हैं। साथ ही सड़क, बिजली, जल प्रबंधन और डिजिटल कनेक्टिविटी पर निवेश औद्योगिक विस्तार और निवेश आकर्षण को नई गति देगा। यह बजट विकास के हर आयाम को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास करता है।

वित्तीय अनुशासन और सुशासन की दिशा

विकास योजनाओं के साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखना किसी भी सरकार की परिपक्वता का संकेत है। यह बजट संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और दीर्घकालिक स्थिरता का संदेश देता है। यदि पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है, तो यह बजट विश्वास और परिणाम—दोनों प्रदान कर सकता है।

निष्कर्ष: विश्वास, विकास और भविष्य का संकल्प

समग्र रूप से यह बजट छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर, समृद्ध और अवसरों से परिपूर्ण राज्य बनाने की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत करता है। ‘रानी दुर्गावती योजना’ जैसी पहलें सामाजिक चेतना और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा दे सकती हैं। यदि योजनाएँ प्रभावी रूप से धरातल पर उतरती हैं, तो छत्तीसगढ़ विकास और सुशासन का एक आदर्श मॉडल बनकर उभर सकता है।

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