रायगढ़। शहर के व्यस्त छातामुड़ा चौक से चंद्रपुर जाने वाले मार्ग पर लगे 3 से 4 लाइट पोल इन दिनों गंभीर खतरे का कारण बने हुए हैं। सड़क किनारे टेढ़े होकर झुके ये खंभे कभी भी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों में बढ़ती चिंता के बावजूद अब तक इनकी मरम्मत नहीं हुई है।
ट्रक की टक्कर से हुआ नुकसान, पर सुधार अब तक नहीं
आसपास के दुकानदारों के अनुसार, कुछ दिन पहले एक तेज रफ्तार ट्रक इन खंभों से जा टकराया था। हादसे के बाद खंभों की हालत बेहद खराब हो गई, लेकिन इन्हें जस का तस छोड़ दिया गया। खंभों का झुकना इतना ज्यादा है कि दिन में भी वाहन चालक डरते-डरते इनके पास से गुजर रहे हैं।

हादसों का हॉटस्पॉट बन रहा यह मार्ग
इस क्षेत्र में पहले से ही भारी वाहनों की आवाजाही और ब्लाइंड स्पॉट्स के कारण दुर्घटनाएँ होती रहती हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि
“सड़क पहले ही खतरनाक है, ऊपर से ये टेढ़े खंभे किसी बड़े हादसे को बुलावा दे रहे हैं। रात में अगर यह किसी वाहन पर गिर जाए या कोई वाहन इससे टकरा जाए तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।”
20-25 दिन से लगे खंभे, लेकिन लाइट अब तक बंद!
सबसे हैरानी की बात यह है कि खंभे लगाए हुए 20-25 दिन से अधिक हो चुके हैं, पर लाइट एक बार भी चालू नहीं हुई। यानी न सड़क को रोशन किया, न सुरक्षा बढ़ाई—उल्टा खतरा और बढ़ा दिया।
अंधेरा होने पर यह रास्ता ब्लैक स्पॉट जैसा बन जाता है, जहाँ दोपहिया वाहन चालकों को सड़क तक साफ दिखाई नहीं देती।
किसी अनहोनी से पहले जरूरी कार्रवाई
लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त खंभों को सीधा करवाने, स्ट्रीट लाइट चालू करने और सड़क के मध्य भाग की उचित मरम्मत करने की मांग की है।
प्रशासन को जागने की जरूरत
व्यस्त ट्रैफिक, असंतुलित खंभे और लगातार बढ़ती दुर्घटनाएँ – ये सब मिलकर इस मार्ग को अत्यंत जोखिमपूर्ण बना रहे हैं। समय रहते सुधार नहीं हुआ तो इन खंभों से कोई बड़ी दुर्घटना होना तय है।







