बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार को हुए भीषण रेल हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। लालखदान स्टेशन के पास मेमू पैसेंजर ट्रेन और मालगाड़ी की टक्कर से यह बड़ा हादसा हुआ। शुरुआत में पांच लोगों की मौत की खबर थी, लेकिन देर रात तक यह आंकड़ा बढ़ता गया। हादसे में घायल हुए 20 यात्रियों का इलाज बिलासपुर के अलग-अलग अस्पतालों में जारी है।
देर रात तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद रेलवे और जिला प्रशासन की टीमों ने राहत व बचाव कार्य में कोई कमी नहीं छोड़ी। करीब 10 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन बुधवार सुबह तक जारी रहा। रात तीन बजे तक क्षतिग्रस्त बोगियों से शवों को निकाला गया। हेवी क्रेन की मदद से बोगियों को हटाने के बाद मुंबई-हावड़ा रेल लाइन पर यातायात बहाल कर दिया गया। अब अप, डाउन और मिडिल तीनों लाइनें पूरी तरह क्लियर हैं।
घायल यात्रियों की सूची जारी
रेल प्रशासन ने हादसे में घायल हुए यात्रियों के नाम जारी किए हैं। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं:
मथुरा भास्कर (55), चौरा भास्कर (50), शत्रुघ्न (50), गीता देबनाथ (30), मेहनिश खान (19), संजू विश्वकर्मा (35), सोनी यादव (25), संतोष हंसराज (60), रश्मि राज (34), ऋषि यादव (2), तुलाराम अग्रवाल (60), अराधना निषाद (16), मोहन शर्मा (29), अंजूला सिंह (49), शांता देवी गौतम (64), प्रीतम कुमार (18), शैलेश चंद्र (49), अशोक कुमार दीक्षित (54), नीरज देवांगन (53), और राजेंद्र मारुति बिसारे (60)।
रेलवे और राज्य सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
रेलवे ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।
गंभीर रूप से घायल यात्रियों को 5 लाख रुपये, जबकि सामान्य घायलों को 1 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी राज्य सरकार की ओर से सहायता की घोषणा करते हुए कहा कि मृतकों के परिवार को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर
यात्रियों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए रेलवे ने आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए हैं:
बिलासपुर: 7777857335, 7869953330
चांपा: 8085956528
रायगढ़: 9752485600
पेंड्रा रोड: 8294730162
कोरबा: 7869953330
उसलापुर: 7777857338
हादसे की होगी उच्च स्तरीय जांच
इस भीषण दुर्घटना की जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) स्तर पर कराई जाएगी। जांच टीम जल्द ही घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों का पता लगाएगी।







