• दुर्ग, बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ में अफीम खेती मिलने से सियासत भी गरमाई…
रायगढ़। जिले के तमनार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आमाघाट में अफीम की अवैध खेती का बड़ा मामला सामने आया है। गोपनीय सूचना मिलने के बाद प्रशासन, पुलिस, आबकारी और एफएसएल की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां खेतों में तरबूज और ककड़ी की फसल के बीच करीब 70 डिसमिल में अफीम की खेती की जा रही थी।
मौके पर कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी मार्शल सांगा (40 वर्ष), निवासी ग्राम हडमबनम, थाना खूंटी, जिला खूंटी (झारखंड) को हिरासत में लिया है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई जारी है और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई हैं।
👉 15 दिन में चौथा मामला, बढ़ी चिंता
प्रदेश में पिछले 15 दिनों के भीतर यह अफीम की खेती का चौथा मामला सामने आया है। इससे साफ है कि नशे का अवैध कारोबार धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपनी जड़ें जमा रहा है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।
👉 सियासत भी गरमाई
इस मामले के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में अफीम की खेती को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे खुलासे इस बात का संकेत हैं कि सूखे नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है।

👉 जांच एजेंसियां अलर्ट
दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ में अफीम की खेती का पकड़ा जाना यह दर्शाता है कि यह केवल एक स्थानीय मामला नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है और अन्य संभावित कड़ियों को जोड़ने की कोशिश में जुटा है।
⚠️ गंभीर सवाल
ग्रामीण इलाकों में इस तरह खुलेआम नशे की खेती होना कई सवाल खड़े करता है—क्या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है? क्या स्थानीय स्तर पर इसे संरक्षण मिल रहा था? इन सवालों के जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएंगे।











