रायगढ़ जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने धरमजयगढ़ SDM कार्यालय में पदस्थ बाबू अनिल कुमार चेलक को जमीन रजिस्ट्री से जुड़े मामले में रिश्वत मांगने के आरोप में रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शिकायत निस्तारण के नाम पर दो लाख रुपये की अवैध मांग करने का आरोप है।
जमीन रजिस्ट्री को बताया गलत, शिकायत दबाने के लिए मांगी रिश्वत
जानकारी के अनुसार धरमजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम अमलीटिकरा निवासी पीड़ित ने एसीबी बिलासपुर को बताया कि उसने गांव में एक जमीन खरीदी थी, जिसकी रजिस्ट्री और नामांतरण विधिवत उसके नाम से हो चुका था। इसके बावजूद SDM कार्यालय में पदस्थ बाबू अनिल कुमार चेलक ने उसे फोन कर कहा कि जमीन की रजिस्ट्री “गलत तरीके से” हुई है और इस संबंध में उसके तथा विक्रेता के खिलाफ शिकायत दर्ज है।
आरोप है कि बाबू चेलक ने इस कथित शिकायत को “नष्ट कराने” के बदले दो लाख रुपये की मांग की। रिश्वत देने से इनकार करते हुए पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत एसीबी से कर दी।
जाल बिछाकर पकड़ा गया आरोपी
शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी की टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। योजना के तहत पीड़ित ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये की व्यवस्था की। तय योजना के अनुसार रकम बाबू अनिल चेलक के शासकीय आवास पर दी गई।
जैसे ही आरोपी ने पैसे लिए, उसे संदेह हुआ और उसने तुरंत घर का दरवाजा बंद कर लिया। एसीबी टीम के दरवाजा खटखटाने पर भी उसने दरवाजा नहीं खोला।
बैग में फेंकी रिश्वत, एसीबी ने की बरामद
काफी पूछताछ और दबाव के बाद आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने रिश्वत की रकम आवास के पीछे एक बैग में फेंक दी है। इसके बाद एसीबी की टीम ने मौके से बैग बरामद किया, जिसमें रिश्वत की रकम मौजूद थी। बरामदगी के साथ ही आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।
आगे की कार्रवाई जारी
एसीबी द्वारा आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। टीम अब यह भी जांच कर रही है कि इस तरह के मामलों में कहीं और भी तो शिकायतें या लेन-देन नहीं हुए हैं।







