रायगढ़। सावित्री नगर निवासी सुमित टांक के निधन के बाद उनके परिवार ने एक बेहद सराहनीय निर्णय लेते हुए उनका देहदान का फैसला किया। सुमित का पार्थिव शरीर चिकित्सालय में दान किया गया, जहां यह चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और जरूरतमंद मरीजों के लिए अंग प्रत्यारोपण में उपयोग किया जाएगा।
सुमित टांक का निधन ब्रेन हेमरेज के कारण जम्मू में हुआ था। उनके परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर इस नेक काम में हिस्सा लिया और सर्वसम्मति से देहदान का निर्णय लिया।
देवकी रामधारी फाउंडेशन के अध्यक्ष दीपक डोरा ने इस कार्य की सराहना करते हुए कहा, “यह देहदान न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में अग्रणीय योगदान है, बल्कि समाज में एक नई दिशा और नई राह भी प्रशस्त करता है।” उन्होंने आगे कहा कि देवकी रामधारी फाउंडेशन लगातार लोगों के बीच इस तरह के जागरूकता अभियान चला रही है।
डोरा ने देहदानी परिवार को साधुवाद दिया और जिला कलेक्टर से मांग की कि ऐसे परिवारों को, जिन्होंने नेत्रदान या देहदान किया है, गणतंत्र दिवस समारोह में सम्मानित किया जाए, ताकि इस पुनीत कार्य में और ज्यादा लोग जुड़ सकें।
इस नेक कार्य के माध्यम से, सुमित टांक की याद हमेशा के लिए जीवित रहेगी और उनके अंगों के दान से कई जिंदगियों में नई रोशनी और आशा की किरण लाई जा सकेगी।













