रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में महिला पुलिसकर्मी के साथ हुई अमानवीय बदसलूकी के मामले में पुलिस ने सख़्त और प्रतीकात्मक कार्रवाई करते हुए सोमवार को छठे व मुख्य आरोपी चित्रसेन साव को पडीगांव तमनार से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद महिला पुलिसकर्मियों ने आरोपी का जुलूस निकाला, जहां उसे जूते-चप्पलों की माला पहनाई गई, हाथों में चूड़ियां थमाई गईं और लिपस्टिक-काजल लगाकर यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि वर्दी और महिला सम्मान का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोरा
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों तमनार क्षेत्र में चल रहे आंदोलन के दौरान कुछ उग्र तत्वों ने अपनी ड्यूटी पर तैनात एक महिला कांस्टेबल के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। वायरल वीडियो में साफ देखा गया कि भीड़ ने महिला आरक्षक को दौड़ाकर खेत में गिराया, उसके कपड़े फाड़ने की कोशिश की और सरेआम गाली-गलौज कर उसका अपमान किया।
वीडियो में महिला आरक्षक अपनी अस्मत बचाने के लिए एक हाथ से कपड़े संभालती और दूसरे हाथ से भीड़ को रोकने की कोशिश करती नजर आती है। वह लगातार रोते हुए कहती रही “छोड़ दो भाई, प्लीज… मुझे यहां ड्यूटी पर भेजा गया है” लेकिन आंदोलन की आड़ में खड़े कुछ वहशी तत्वों पर उसकी मिन्नतों का कोई असर नहीं हुआ।
वायरल वीडियो के बाद पुलिस का त्वरित एक्शन
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के साथ यह साफ हो गया है कि पुलिस इस मामले में किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेगी।
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिला पुलिसकर्मी के साथ इस तरह का कृत्य अक्षम्य अपराध है। मामले से जुड़े अन्य फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है और शेष आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
सख़्त संदेश: कानून से ऊपर कोई नहीं
तमनार की यह कार्रवाई केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि समाज के लिए एक कड़ा संदेश है कि आंदोलन की आड़ में हिंसा, महिला अपमान और वर्दी की बेइज्जती करने वालों पर कानून पूरी सख़्ती से टूटेगा। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि दोषी चाहे कितने भी हों या किसी भी पहचान के हों कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएंगे।







