Wednesday, March 4, 2026
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संस्कृति और परंपरा का अनूठा पर्व चक्रधर समारोह: कल से सुरों और थापों से गूंजेगा रायगढ़, 5 सितम्बर तक रामलीला मैदान में 10 दिवसीय भव्य समारोह का होगा आयोजन…

• देश-प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं और दर्शकों को करेंगे मंत्रमुग्ध

• 1 से 3 सितम्बर तक मोतीमहल में कुश्ती एवं कबड्डी खेलों की होगी प्रतियोगिता

रायगढ़। रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह का 40वां संस्करण कल 27 अगस्त से आरंभ हो रहा है। 10 दिवसीय इस भव्य आयोजन में देश-प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। समारोह का आयोजन 27 अगस्त से 5 सितम्बर तक प्रतिदिन शाम 7 बजे से जिला मुख्यालय स्थित रामलीला मैदान में किया जाएगा। इस दौरान स्थानीय लोक कलाकार प्रतिभागी शाम 5 बजे से 6.30 बजे तक अपनी मनमोहक प्रस्तुति देंगे। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने आज जिला कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की।

कलेक्टर ने बताया कि चक्रधर समारोह 2025 का शुभारंभ 27 अगस्त को शाम 7 बजे राज्यपाल  रमेन डेका करेंगे। उन्होंने बताया कि समारोह की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। पांच हजार से अधिक क्षमता वाला दर्शकदीर्घा बनाया गया है। समारोह के सुचारू संचालन हेतु अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जो लोग कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए टीवी चैनलों के माध्यम से सीधा प्रसारण की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ  जितेंद्र यादव, सहायक कलेक्टर  अक्षय डोसी, अपर कलेक्टर  अपूर्व प्रियेश टोप्पो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्यपाल रमेन डेका करेंगे समारोह का शुभारंभ

कलेक्टर ने बताया कि जिला मुख्यालय रायगढ़ में 27 अगस्त से आयोजित होने वाले चक्रधर समारोह का शुभारंभ राज्यपाल  रमेन डेका करेंगे। राज्यपाल  डेका शाम 5.15 बजे सर्किट हाउस रायगढ़ पहुंचेंगे। शाम 6.30 बजे वे सर्किट हाउस से चक्रधर समारोह में शामिल होने के लिए रवाना होंगे और शाम 7.00 समारोह का विधिवत शुभारंभ करेंगे। कलेक्टर ने जनसामान्य को अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन का आनंद लेने की अपील की है।

27 अगस्त : डॉ.कुमार विश्वास काव्य से श्रोताओं को करेंगे भावविभोर

समारोह का शुभारंभ 27 अगस्त को गणेश वंदना से होगा, जिसे स्व.वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात दिल्ली के पंडित राजेन्द्र गंगानी कथक नृत्य की प्रस्तुति देंगे। इस दिन का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध कवि डॉ.कुमार विश्वास रहेंगे, जो अपनी ओजस्वी वाणी और काव्य से श्रोताओं को भावविभोर करेंगे। पहली बार भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय से इंपैनल्ड लोक कलाकार तथा दक्षिण मध्य सांस्कृतिक केंद्र के कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

28 अगस्त: शास्त्रीय नृत्य और संगीत का होगा संगम

दूसरे दिन सुनील मानिकपुरी लोक कर्मा गायन, राजनंदिनी पटनायक ओडिसी, प्रियंका सलूजा कथक, डॉ. राखी रॉय भरतनाट्यम, पं. उदय कुमार मल्लिक शास्त्रीय गायन, देविका देवेन्द्र मंगलामुखी एवं पूजा जैन कथक पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

29 अगस्त: भरतनाट्यम और लोक रंग से सजेगा मंच

तीसरे दिन गीतिका वैष्णव का गायन, कमलेश यादव की नृत्य नाटिका, गुरू श्रीमती बाला विश्वनाथ का भरतनाट्यम, आरू साहू का छत्तीसगढ़ी लोकगीत, पं.योगेश शम्सी का तबला वादन, भवप्रीता डांस एकेडमी, सुश्री राधिका शर्मा एवं सुश्री अंजली शर्मा की कथक प्रस्तुतियां होंगी।

30 अगस्त: पद्मश्री राधेश्याम बारले अपने अनुपम पंथी नृत्य से मंच को करेंगे जीवंत

30 अगस्त को डॉ.दीप्ति राउत्रे ओडिसी, इशिका गिरी कथक, भूमिसुता मिश्रा व लिप्सा रानी बिस्वाल ओडिसी प्रस्तुत करेंगी। पद्मश्री राधेश्याम बारले अपने अनुपम पंथी नृत्य से मंच को जीवंत करेंगे। इसके साथ ही प्रो.डॉ.लवली शर्मा सितार वादन, खैरागढ़ यूनिवर्सिंटी के छात्रों द्वारा नृत्य प्रस्तुति, सुश्री शिवली देवता कथक, जनाब अनीस साबरी कव्वाली एवं  श्वेता वर्मा कथक की शानदार प्रस्तुतियां होंगी।

31 अगस्त : भरतनाट्यम, शास्त्रीय कला और कथक की होगी प्रस्तुति

31 अगस्त को सुश्री आद्या पाण्डेय द्वारा भरतनाट्यम, सुश्री शैल्वी सहगल द्वारा कथक, एम.टी.मृन्मयी द्वारा भरतनाट्यम, डॉ.मेघा राव द्वारा गायन, डॉ.कृष्ण कुमार सिन्हा द्वारा कथक, अश्विका साव द्वारा कथक, अराध्या कुमारी सिंह द्वारा शास्त्रीय संगीत एवं सुश्री अन्विता विश्वकर्मा शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत करेंगी।

1 सितम्बर : पद्मश्री डॉ.अश्विनी भिड़े देशपांडे देंगी शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति

01 सितम्बर को डॉ.योगिता मांडलिक द्वारा कथक, सुश्री हीना दास द्वारा ओडिसी, सुश्री मुक्ता मेहर द्वारा कथक, पद्मश्री डॉ.अश्विनी भिड़े देशपांडे द्वारा शास्त्रीय संगीत, आरोही मुंशी द्वारा भरतनाट्यम, श्री भूपेन्द्र बरेठ एवं ग्रुप व सुश्री ऋत्वी अग्रवाल द्वारा कथक एवं डॉ.विपुल रॉय संतुर वादन पर प्रस्तुति देंगे।

2 सितम्बर: छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत की रहेगी धूम

02 सितम्बर को इशिता कश्यप द्वारा कथक, कुमारी काजल कौशिक द्वारा कथक, उस्ताद छोटे रहमत खान द्वारा सितार वादन, कलकक्षेत्र फाउंडेशन द्वारा भरत नाट्यम, श्री सचिन कुम्हरे द्वारा कथक, श्रीमती छाया चंद्राकर एवं ग्रुप द्वारा छ.ग.लोकसंगीत एवं श्री दीपक दास महंत द्वारा तबला वादन की प्रस्तुति दी जाएगी।

3 सितंबर : अबूझमाड़ के प्रसिद्ध मलखम्ब दल का होगा अद्भुत प्रदर्शन

भारत के प्रसिद्ध रियलिटी शो इंडियाज गॉट टैलेंट में प्रथम स्थान प्राप्त कर देशभर में सुर्खियां बटोरने वाले एवं छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को एक नया आयाम देने वाले अबूझमाड़ का प्रसिद्ध श्री मनोज प्रसाद का मलखम्ब दल 03 सितम्बर को अपने अद्वितीय कौशल और अनुशासन के साथ मलखम्ब की कला का जीवंत प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही देविका दीक्षित द्वारा कथक, संगीता कापसे एवं सुश्री आशिका सिंघल द्वारा कथक, श्री अर्नब चटर्जी द्वारा गायन, श्रीमती वासंती वैष्णव द्वारा कथक, श्री मनोज प्रसाद द्वारा मलखम्भ प्रदर्शन, डॉ.लक्ष्मी नारायण जेना द्वारा कथक, श्रीमती अजीत कुमारी कुजूर द्वारा भरतनाट्यम एवं श्रीमती निलांगी कालान्तरे कथक की प्रस्तुति देंगी।

4 सितंबर : श्रीमती कविता वासनिक एवं ग्रुप द्वारा छत्तीसगढ़ी लोकरंग की होगी प्रस्तुति

04 सितम्बर को प्रोजेक्ट दिव्य धुन द्वारा गायन प्रस्तुति, तरूण शर्मा एवं शिष्य द्वारा कथक प्रस्तुति, कु.नित्या शर्मा द्वारा कथक (लखनऊ घराना), श्रीमती कविता वासनिक एवं ग्रुप द्वारा छत्तीसगढ़ी लोकरंग, कलईमामणि गुरू गोपिका वर्मा द्वारा मोहिनीअट्टम, श्री मोहित शास्त्री द्वारा बांसुरी वादन, डॉ.राम बोरगांवकर द्वारा तबला वादन, श्री मंगेश बोरगांवकर द्वारा गायन, सुश्री यामी वैष्णव द्वारा कथक एवं सुश्री युग रत्नम कथक पर अपनी प्रस्तुति देंगी।

5 सितम्बर : समापन समारोह को पद्मश्री कैलाश खेर और डॉ. नलिनी कमलिनी बनाएंगे अविस्मरणीय, मुख्यमंत्री होंगे शामिल

समापन अवसर पर 5 सितम्बर को प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित अन्य विशिष्टजन शामिल होंगे। इस दिन दिल्ली की पद्मश्री डॉ. नलिनी कमलिनी अस्थाना कथक प्रस्तुत करेंगी, जबकि देश के प्रसिद्ध गायक पद्मश्री कैलाश खेर अपनी स्वर लहरियों से समारोह को अविस्मरणीय बनाएंगे।

1 से 3 सितम्बर तक कुश्ती एवं कबड्डी खेल प्रतियोगिता

समारोह के अंतर्गत 1 से 3 सितम्बर तक मोतीमहल परिसर में कुश्ती और कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें राष्ट्रीय एवं स्थानीय स्तर के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। कलेक्टर ने बताया कि चक्रधर समारोह रायगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करने वाला आयोजन है। इसमें जहां शास्त्रीय और लोक कलाओं का अद्भुत संगम देखने मिलेगा, वहीं नए कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी प्राप्त होगा।

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