छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित अबूझमाड़ इलाके में सोमवार सुबह हुई मुठभेड़ में सीपीआई (माओवादी) केंद्रीय समिति के दो शीर्ष नक्सली नेता मार गिराए गए। मारे गए नक्सलियों की पहचान राजू दादा उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कोसा दादा उर्फ कादरी सत्यनारायण रेड्डी के रूप में हुई है। दोनों पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 40-40 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
तीन दशक से फैला रहे थे लाल आतंक
राजू दादा और कोसा दादा पिछले 30 वर्षों से नक्सली हिंसा में सक्रिय थे और कई बड़ी वारदातों के मास्टरमाइंड माने जाते थे। इनके षड्यंत्रों में कई जवान शहीद हुए और निर्दोष ग्रामीणों की जानें गईं।
मुठभेड़ में भारी हथियार बरामद
पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन ने बताया कि माओवादी गतिविधियों की सूचना पर सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान फायरिंग शुरू हो गई और मुठभेड़ में दोनों कुख्यात नक्सली ढेर हो गए। मौके से एक एके-47 राइफल, एक इंसास राइफल, बीजीएल लॉन्चर, विस्फोटक और भारी मात्रा में माओवादी साहित्य बरामद किया गया है।
सीएम बोले – 2026 तक नक्सलमुक्त भारत
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की सराहना करते हुए कहा कि यह नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में निर्णायक पड़ाव है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मार्च 2026 तक भारत नक्सलमुक्त होगा।
अमित शाह ने दी बधाई
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी एक्स पर पोस्ट कर सुरक्षाबलों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षा बल नक्सलियों के शीर्ष नेतृत्व को लगातार ध्वस्त कर रहे हैं और लाल आतंक की रीढ़ तोड़ रहे हैं।
यह सफलता छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विकास की नई उम्मीद लेकर आई है।












