जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में आयोजित ‘जनादेश परब’ कार्यक्रम के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के एक बयान ने प्रदेश की राजनीति में तीखा तूफान खड़ा कर दिया है। नड्डा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि झीरम घाटी नक्सली हमले में कांग्रेस के ही लोगों ने कांग्रेसियों को मरवाने का काम किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस कांड में कांग्रेस से जुड़े लोगों ने नक्सलियों को जानकारी दी थी।
नड्डा ने नक्सलवाद के मुद्दे पर केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार की रणनीति का जिक्र करते हुए दावा किया कि नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक अभियान चल रहा है और 26 मार्च तक नक्सलवाद समाप्त कर दिया जाएगा।
भूपेश बघेल का पलटवार: “झूठ का अड्डा – जेपी नड्डा”
नड्डा के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि नड्डा ने छत्तीसगढ़ आकर झीरम घाटी में शहीद हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं का अपमान किया है। बघेल ने मांग की कि NIA सहित सुरक्षा एजेंसियां नड्डा से पूछताछ कर उनके दावों के सबूत मांगे।
दीपक बैज का ऐतराज: शहीदों के परिजनों से सार्वजनिक माफी मांगे नड्डा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने नड्डा के बयान को राजनीतिक और दुर्भावनापूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि नड्डा को झीरम घाटी कांड में शहीद हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिजनों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। बैज ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार सरेंडर नक्सलियों से पूछताछ नहीं कर पा रही है, तो कांग्रेस को अनुमति दी जाए, ताकि झीरम घाटी कांड की सच्चाई देश के सामने लाई जा सके।
2013 का झीरम घाटी नक्सली हमला: पृष्ठभूमि
छत्तीसगढ़ में 2013 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा चल रही थी। 25 मई 2013 को सुकमा से जगदलपुर लौटते समय झीरम घाटी के पास नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया। इस हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल सहित कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। यह घटना आज भी राज्य की राजनीति और सुरक्षा विमर्श में एक गहरे जख्म की तरह दर्ज है।







