सारंगढ़। शहर में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला चिकित्सालय जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, NSUI जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा जब जिला चिकित्सालय में पानी पीने पहुंचे, तो उन्होंने वहां लगे एकमात्र वाटर कूलर के अंदर मरी हुई छिपकली देखी। यह वही कूलर है, जहां से रोजाना मरीज, उनके परिजन, बच्चे और बुजुर्ग पानी पीते हैं।
इस घटना ने न सिर्फ अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को उजागर किया है, बल्कि शहर में फैल रही पीलिया (जॉन्डिस) बीमारी को लेकर भी गंभीर संकेत दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दूषित पानी के कारण ही सारंगढ़ में पीलिया के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, और प्रशासन इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिला चिकित्सालय, जो इलाज और सुरक्षा का केंद्र होना चाहिए, वहीं इस तरह की अनदेखी सामने आ रही है। यदि अस्पताल की यह स्थिति है, तो शहर के अन्य इलाकों में जल व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
घटना के सामने आने के बाद नागरिकों में आक्रोश है और उन्होंने तत्काल जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, अस्पताल परिसर में स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठ रही है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।











