• अग्रवाल और सिंधी समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में बढ़ी कानूनी दिक्कतें…
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मचा देने वाले मामले में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को बड़ी राहत नहीं मिल सकी। उनकी जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज करते हुए उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
गौरतलब है कि 5 दिसंबर को जब अमित बघेल देवेंद्रनगर थाने में सरेंडर करने पहुंचे थे, तब थाने से करीब 20 मीटर पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और अब दोबारा न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के VIP चौक में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़ का मामला सामने आया था। अगली सुबह पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, जो मानसिक रूप से बीमार बताया गया और नशे में इस हरकत को अंजाम दिया था।
इसके बाद 27 अक्टूबर को अमित बघेल मौके पर पहुंचे और वहां जोरदार हंगामा और प्रदर्शन हुआ। बघेल समर्थकों व पुलिस के बीच झड़प की स्थिति भी उत्पन्न हो गई। हंगामे के बीच महतारी की मूर्ति दोबारा स्थापित कर दी गई।
इसी दौरान अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल पर विवादित टिप्पणी कर दी, जिसके बाद अग्रवाल और सिंधी समाज में भारी आक्रोश फैल गया।
रायपुर, रायगढ़, सरगुजा सहित देशभर के कई जिलों और राज्यों में FIR दर्ज की गई। सिंधी समाज के पदाधिकारियों ने भी कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
अब आगे क्या?
न्यायिक रिमांड बढ़ने के बाद यह साफ है कि मामला अभी और लंबा चलेगा। समाजों के विरोध, बहु-राज्यीय FIRs और बढ़ते राजनीतिक दबाव को देखते हुए कानूनी प्रक्रिया और कठोर हो सकती है।












