रायगढ़: छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन द्वारा 51 जोड़ों का घर बसाने का पुनीत कार्य किया जा रहा है। 1 मार्च को रायपुर में यह भव्य सामूहिक विवाह समारोह संपन्न होगा। इस आयोजन में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सपत्नीक उपस्थित रहकर सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे और कन्यादान करेंगे।
विवाह के लिए आर्थिक सहयोग:
प्रांतीय अग्रवाल संगठन के उपाध्यक्ष कमल मित्तल ने बताया कि इस विवाह समारोह में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को ₹50,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, प्रांतीय अग्रवाल संगठन की ओर से प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को ₹70,000 मूल्य की सामग्री भेंट स्वरूप दी जाएगी, जिससे वे अपने नए जीवन की शुरुआत सुगमता से कर सकें।
95 आवेदन में से 51 जोड़े हुए चयनित:
संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल एवं प्रमुख सलाहकार दीनदयाल गोयल ने जानकारी दी कि इस सामूहिक विवाह के लिए 95 जोड़ों के आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 51 जोड़ों का चयन किया गया। बाकी आवेदनों में कुछ त्रुटियां पाए जाने के कारण उन्हें अस्वीकृत कर दिया गया। चयनित जोड़ों में लगभग 30 जोड़े बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) वर्ग से आते हैं, जिससे यह आयोजन और भी अधिक सामाजिक समरसता को बढ़ावा देता है।
रीति-रिवाजों के साथ संपन्न होगा विवाह:
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बजरंग अग्रवाल बीके ने बताया कि यह सामूहिक विवाह पूर्ण रूप से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया जाएगा। विवाह की संपूर्ण प्रक्रिया आर्य समाज पद्धति से संपन्न होगी, जिसके लिए महिला आर्य समाज रायपुर की श्रीमती अर्चना खंडेलवाल को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। विवाह की विधि को संपन्न कराने के लिए इंदौर से श्री विश्वामित्र 51 बटुकों (यज्ञाचार्यों) के साथ रायपुर पहुंचेंगे।
महिला पदाधिकारी निभा रही हैं अहम भूमिका:
इस भव्य आयोजन की तैयारियों में श्रीमती अनिता अशोक अग्रवाल, श्रीमती गंगा अग्रवाल, ज्योति अग्रवाल, शोभा केडिया सहित रायपुर जिला महिला अग्रवाल संगठन की कई पदाधिकारी पिछले एक माह से जुटी हुई हैं। प्रदेश की विभिन्न संस्थाएं और समाजसेवी भी वर-वधू को घरेलू व जरूरत का सामान उपहार स्वरूप प्रदान कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस आयोजन में सपत्नीक शामिल होकर 51 जोड़ों को शुभाशीष देने और कन्यादान करने की स्वीकृति प्रदान की है। यह सामूहिक विवाह आयोजन न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को संबल प्रदान करेगा, बल्कि समाज में विवाह संस्कार को सरल और गरिमामयी बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल भी सिद्ध होगा।












