रायगढ़ । शहर में प्रशासन के एक फैसले ने रविवार को पूरे शहर को जाम और अव्यवस्था के हवाले कर दिया। करीब पांच दशक से लग रहा इतवारी साप्ताहिक बाजार अचानक ग्रामीण व्यवसायियों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया। मजबूर सब्जी और फल विक्रेताओं ने मुख्य मार्ग पर ही पसरे सजा दिए, जिससे पूरे दिन शहर यातायात संकट से जूझता रहा और कई जगह विवाद की स्थिति बनती रही।
शहर में रविवार को प्रशासनिक निर्णय के खिलाफ खुली नाराजगी सड़कों पर दिखाई दी। व्यवसायियों का आरोप है कि बाजार को “आक्सीजोन” बनाने के नाम पर बंद किया गया, लेकिन उनके लिए कोई वैकल्पिक जगह तय नहीं की गई। इससे सैकड़ों ग्रामीण परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है । इस ईतवार को ग्रामीण सब्जी और फलों के व्यवसायियों को अचानक बाजार से बाहर कर दिए जाने के बाद उन्होंने मुख्य मार्ग पर ही पसरे सजा दिए। नतीजा — पूरे दिन शहर यातायात की समस्या से जूझता रहा और कई जगह विवाद की स्थिति बनती रही। इस अचानक फैसले से शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। सुबह से लेकर शाम तक कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लगा रहा और राहगीरों तथा वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। जगह-जगह दुकानदारों और राहगीरों के बीच बहस और विवाद की स्थिति भी बनी रही।
ग्रामीण क्षेत्रों से सब्जी और फल बेचने आने वाले व्यवसायियों का आरोप है कि उन्हें बिना पूर्व सूचना के हटा दिया गया, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ा है। कई व्यापारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशासनिक निर्णय ने उनके सामने जीविका का संकट खड़ा कर दिया है।
सब्जी विक्रेताओं के बताए अनुसार इस मामले में हाउसिंग बोर्ड के अधीक्षण अभियंता ने एक सप्ताह का समय मांगा है। उनका कहना है कि आक्सीजोन में पालिशिंग और अन्य कार्यों के कारण फिलहाल बाजार को बंद करना पड़ा है। हालांकि यह आश्वासन भी व्यापारियों की नाराजगी कम नहीं कर पाया है।
शहर में दिन भर यही चर्चा रही कि अगर प्रशासन ने जल्द ही स्थायी समाधान नहीं निकाला तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।











