जशपुर 03 मार्च। जशपुर SSP लाल उमेद सिंह ने तपकरा थाना में पदस्थ आरक्षक अमित कुमार त्रिपाठी और धीरेंद्र कुमार मधुकर को गांजा तस्करी करते हुए पाऐ जाने पर दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजवा दिया है। SSP लाल उमेद सिंह के सख्त तेवर देख कर जिले का पुलिस विभाग में खलबली मच गई है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि दोनों आरक्षकों ने अपने वाट्सएप फोन पर नशे का कारोबारी को गांजा का नमूना दिखाया और चैटिंग से भाव की सौदेबाजी की थी। अवैध गांजा का ऑनलाइन भुगतान प्राप्त करने के बाद दोनों आरक्षकों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह ने बताया इस मामले में पुलिस अधिकारी की एक जांच टीम गठित कर बारिकी से सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में किसी के भी लिप्त मिलने पर उन्हें बख्शा नहीं जाऐगा।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गांजा कारोबारी से मिलकर दोनों आरक्षक गांजा की तस्करी कराते थे। लंबे समय से दोनों के खिलाफ पुलिस के बड़े अधिकारियों को शिकायत मिल रही थी लेकिन इनके खिलाफ पुख्ता सबूत के अभाव में कार्यवाही नहीं हो पाई थी। इस बार एसएसपी लाल उम्मेद सिंह ने घेराबंदी कर आखिरकार दोनों आरक्षको के खिलाफ बड़ी कार्यवाही कर दी है।
बताया जाता है कि 28 फरवरी को पकड़े गए एक गांजा तस्करी के आरोपों से हुई पुलिस की पूछताछ के बाद यह बड़ा खुलासा हुआ था। जशपुर पुलिस ने तपकरा थाना में पदस्थ इन दो जवानों को सोमवार 2 मार्च को गिरफ्तार कर जेल दाखिल करा दिया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गांजा तस्करी के आरोपी गोविंदा से पूछताछ में थाना तपकरा के आरक्षक क्रमांक 581 धीरेंद्र मधुकर पिता करताल सिंह उम्र 37 वर्ष तथा आरक्षक क्रमांक 392 अमित त्रिपाठी पिता स्वर्गीय राजदेव त्रिपाठी उम्र 35 वर्ष द्वारा गांजा तस्करी में मिलकर काम करना की जानकारी मिली थी। नशे का कारोबारी से इन आरक्षक आर 581 धीरेन्द्र मधुकर एवम आर. 392 अमित त्रिपाठी का गांजा तस्करी में मोबाईल फोन पर चैटिंग और ऑनलाइन भुगतान वसूलने की संलिप्तता पाई गई थी। जिसके बाद दोनों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।












