• ग्लोबल टेंशन, कमजोर रुपया और सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी से सोना-चांदी ऑलटाइम हाई पर…
भारत। देश के सर्राफा बाजार में आज ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली। सोने और चांदी दोनों ने अपने ऑलटाइम हाई स्तर को छू लिया है। India Bullion and Jewellers Association (IBJA) के अनुसार, सोना पहली बार ₹1.50 लाख के पार निकल गया है, जबकि चांदी ₹3.20 लाख प्रति किलो के करीब पहुंच गई है।
💰 आज के ताजा भाव ( Gold Silver Price Today )
सोना (24 कैरेट): ₹7,795 की छलांग के साथ ₹1,55,204 प्रति 10 ग्राम (कल ₹1,47,409)
चांदी: ₹10,730 की तेजी के साथ ₹3,20,075 प्रति किलो (कल ₹3,09,345)
साल 2026 के महज़ 21 दिनों में ही सोना ₹21,744 और चांदी ₹90,825 महंगी हो चुकी है। यह लगातार तीसरा दिन है जब दोनों धातुएं नए रिकॉर्ड बना रही हैं।
🔥 सोने में तेजी के 3 बड़े कारण
1️⃣ ग्लोबल टेंशन और ‘ग्रीनलैंड’ विवाद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड को लेकर बयानबाज़ी और यूरोपीय देशों पर टैरिफ की धमकियों से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। ट्रेड वॉर के डर में निवेशक शेयर बाजार से निकलकर सेफ हेवन यानी सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
2️⃣ रुपये की रिकॉर्ड कमजोरी
डॉलर के मुकाबले रुपया आज ₹91.10 के ऑलटाइम लो पर पहुंच गया। LKP सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, रुपये की कमजोरी से इंपोर्टेड गोल्ड की लैंडिंग कॉस्ट बढ़ गई है, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें तेज़ी से ऊपर गईं।
3️⃣ सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी
दुनिया भर के केंद्रीय बैंक, जिनमें भारत का Reserve Bank of India (RBI) भी शामिल है, अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित करने के लिए सोने की खरीद बढ़ा रहे हैं। World Gold Council के अनुसार, 2025 में रिकॉर्ड खरीदारी के बाद 2026 की शुरुआत में भी मांग मजबूत बनी हुई है।
🔮 ₹1.90 लाख तक जा सकता है सोना
रिसर्च हेड डॉ. रेनिशा चैनानी का मानना है कि यदि अमेरिकी टैरिफ और मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है, तो 2026 के मध्य तक सोना ₹1.80 लाख से ₹1.90 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है।
📊 2025 में जबरदस्त रिटर्न
सोना: ₹57,033 (करीब 75% की बढ़त)
31 दिसंबर 2024: ₹76,162
31 दिसंबर 2025: ₹1,33,195
चांदी: ₹1,44,403 (करीब 167% की उछाल)
31 दिसंबर 2024: ₹86,017
31 दिसंबर 2025: ₹2,30,420
⚡ चांदी में तेजी के 3 प्रमुख कारण
🔹 इंडस्ट्रियल डिमांड
सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV सेक्टर में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल से चांदी अब सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि जरूरी इंडस्ट्रियल मेटल बन चुकी है।
🔹 ट्रम्प टैरिफ का डर
अमेरिकी कंपनियां संभावित टैरिफ से पहले भारी मात्रा में चांदी स्टॉक कर रही हैं, जिससे ग्लोबल सप्लाई टाइट हो गई है।
🔹 मैन्युफैक्चरर्स की होड़
प्रोडक्शन रुकने के डर से कंपनियां एडवांस खरीद कर रही हैं, जिससे कीमतों में दबाव बना हुआ है।
🚀 क्या ₹4 लाख तक जाएगी चांदी?
Samco Securities: मजबूत टेक्निकल संकेतों के आधार पर ₹3.94 लाख/किलो तक की संभावना।
नीलेश सुराना (कमोडिटी एक्सपर्ट): ग्रीन एनर्जी डिमांड और ब्याज दरों में कटौती से चांदी $100 प्रति औंस (₹3.5–4 लाख) तक जा सकती है।
पोनमुडी आर (CEO, एनरिच मनी): लंबी अवधि में तेजी बरकरार, हर छोटी गिरावट निवेश का मौका।
Robert Kiyosaki: डॉलर की कमजोरी और महंगाई के चलते 2026 में चांदी $200 प्रति औंस तक भी पहुंच सकती है।
📝 निष्कर्ष
ग्लोबल तनाव, कमजोर रुपया और मजबूत औद्योगिक मांग ने सोने-चांदी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में भी तेजी का रुख बना रह सकता है—हालांकि निवेश से पहले जोखिम का आकलन ज़रूरी है।












