रायगढ़। नगर के शिल्पकार एवं अग्रगौरव सेठ किरोड़ीमल की जयंती के अवसर पर शहरवासियों एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने उनके समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। लोककल्याण के लिए उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए नागरिकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर सामाजिक अग्र संस्था प्रांतीय अग्रवाल संगठन ने भी समाज के गौरव को नमन किया। संगठन के उपाध्यक्ष कमल मित्तल ने जूटमिल रोड स्थित चिरनिद्रा स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि रायगढ़ नगर सदैव सेठ किरोड़ीमल का ऋणी रहेगा। उन्होंने अग्रशिरोमणि महाराजा अग्रसेन के सिद्धांतों और आदर्शों पर चलते हुए अपनी अर्जित आय का बड़ा हिस्सा लोककल्याण के कार्यों में समर्पित किया।
सेठ किरोड़ीमल द्वारा शहर को धर्मशालाएं, मंदिर, कॉलोनियां, नटवर स्कूल, बाल मंदिर, डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, महिला अस्पताल, नेत्र चिकित्सालय सहित अनेक जनोपयोगी संस्थान प्राप्त हुए, जो आज भी सर्वहारा वर्ग के लिए निरंतर उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। रायगढ़ के साथ-साथ मथुरा-वृंदावन, कोलकाता, भिवानी, मेहंदीपुर और नागपुर में भी उन्होंने अनेक सामाजिक सौगातें दीं।
उनके सम्मान में निकटतम रेलवे स्टेशन का नाम किरोड़ीमल नगर रखा गया तथा हरियाणा के अग्रोहाधाम—अग्रवाल वैश्य समाज के पंचम धाम—में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई। उनकी दानवीरता की परंपरा आज भी रायगढ़ के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों को प्रेरित करती है, जो धार्मिक, सामाजिक और परमार्थ के कार्यों में मुक्तहस्त सहयोग कर उनके पदचिन्हों पर चल रहे हैं।
लोककल्याण के प्रति उनकी अद्वितीय सेवाओं के कारण रायगढ़ न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश में “दानवीर की नगरी” के रूप में पहचाना जाता है।












