Thursday, January 15, 2026
HomeNewsधान खरीदी में लापरवाही पर समिति प्रबंधक और सहायकों पर हुई कार्रवाई:...

धान खरीदी में लापरवाही पर समिति प्रबंधक और सहायकों पर हुई कार्रवाई: तीन निलंबित एवं दो का वित्तीय प्रभार समाप्त…

रायगढ़ / जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी कार्य में पारदर्शिता और शासन निर्देशों के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाए गए हैं। विभिन्न धान खरीदी केंद्रों के निरीक्षण एवं जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के अनुमोदन से दोषी समिति प्रबंधक एवं सहायकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। सहकारिता विभाग द्वारा की गई जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि कई समितियों में शासन द्वारा निर्धारित ढाला पद्धति से धान परीक्षण नहीं किया जा रहा था। किसानों द्वारा बोरे में लाए गए धान को बिना परीक्षण सीधे शासकीय बोरों में भरकर तौल किया जा रहा था। इसके साथ ही धान खरीदी कार्य में अनियमितता व उदासीनता जैसी गंभीर लापरवाहियां सामने आईं।

उप आयुक्त सहकारिता विभाग ने बताया कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित जमरगीडी (पं.क्र. 1553) के सहायक समिति प्रबंधक एवं धान खरीदी प्रभारी दीनबंधु पटेल द्वारा बार-बार निर्देशों की अवहेलना कर मनमाने ढंग से धान खरीदी की जा रही थी। कारण बताओ सूचना पत्र का संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर उनका वित्तीय प्रभार तत्काल प्रभाव से समाप्त किया गया है। इसी तरह आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कापू (पं.क्र. 48) के सहायक समिति प्रबंधक श्यामनारायण दुबे द्वारा भी शासन निर्देशों की अनदेखी करते हुए धान खरीदी में लापरवाही बरती गई। जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर उनका भी वित्तीय प्रभार तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित छाल (पं.क्र. 615) के सहायक समिति प्रबंधक ठण्डाराम बेहरा तथा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कोड़ासिया (पं.क्र. 833) के समिति प्रबंधक व फड़ प्रभारी प्रहलाद बेहरा द्वारा गंभीर लापरवाही एवं कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब प्रस्तुत न करने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित खड़गांव (पं.क्र. 180) में धान उपार्जन केंद्र के नोडल अधिकारी के विरुद्ध गाली-गलौच एवं धमकी की शिकायत जांच में सही पाई गई। वहीं सहायक समिति प्रबंधक कृपाराम राठिया द्वारा भी धान खरीदी में गंभीर लापरवाही सामने आई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) के अनुसार 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक संपूर्ण धान खरीदी अवधि में धान उपार्जन कार्य से जुड़े सभी कर्मचारियों पर आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ESMA) लागू है। जिला प्रशासन ने सभी समितियों को निर्देशित किया है कि धान खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता, नियमों एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और शासन की योजनाओं का लाभ सही रूप में हितग्राहियों तक पहुंचे।

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Popular Articles