रायगढ़। भीषण ठंड के बीच रामेश्वर गहरा गुरु स्कूल के विद्यार्थियों के चेहरे आज खिल उठे, जब गोयल परिवार की ओर से बच्चों को ऊनी जैकेट, स्वेटर और भोजन के लिए नए बर्तनों का सेट प्रदान किया गया। संस्कृत माध्यम और भारतीय परंपराओं पर आधारित यह स्कूल जिले में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है, जहाँ बच्चे संस्कृत भाषा में अध्ययन व संवाद करते हैं और पारंपरिक धोती, साड़ी और कुर्ता धारण कर अनुशासनपूर्वक शिक्षा ग्रहण करते हैं।
बिलासपुर से निजी कार्यक्रम में रायगढ़ आईं श्रीमती सरिता नरेश अग्रवाल ने बताया कि वे लंबे समय से इस अनोखी स्कूल को देखने की इच्छा रखती थीं, जो आज पूरी हुई। उन्होंने कहा “यहां के बच्चों का अनुशासन, उनकी भारतीय संस्कृति के अनुरूप जीवनशैली और संस्कृत में पढ़ाई देखकर मन प्रसन्न हो गया। बच्चों के साथ समय बिताना एक सुखद अनुभव रहा।”
स्वेटर और जैकेट वितरण के साथ ही स्कूल की रसोई के लिए बर्तनों का नया सेट भी दिया गया, जिससे बच्चों के भोजन प्रबंधन में सुविधा होगी। वितरण पाकर बच्चे खुशी से झूम उठे और उन्होंने अतिथियों का आभार जताया।
इस सेवा कार्य में उनके साथ सुयश गोयल, स्वाति मित्तल और श्रीमती सरिता नटवर गोयल भी उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम में सहयोग दिया और बच्चों के साथ समय बिताया।














