बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के रुझानों ने साफ संकेत दे दिया है कि राज्य में एनडीए एक बार फिर सत्ता की दहलीज पर खड़ा है। दोपहर 1 बजे तक ट्रेंड्स में अकेले बीजेपी 90 सीटों पर आगे है, जबकि जेडीयू भी मज़बूत प्रदर्शन करते हुए लगभग 81 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। यह आंकड़ा सीधे-सीधे बताता है कि एनडीए 170 से ऊपर पहुँच कर स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ रहा है।
बीजेपी इन रुझानों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। तेजस्वी यादव की आरजेडी 29 सीटों के आसपास चल रही है, जबकि लोजपा लगभग 20 सीटों पर अच्छी पकड़ बनाए हुए है। वहीं कांग्रेस सिर्फ 5 सीटों पर सिमटती दिखाई दे रही है और इससे विपक्षी खेमे में हताशा साफ झलक रही है।
कांग्रेस ने रुझानों से पहले ही झुका सिर?
बिहार चुनाव नतीजों से पहले ही कांग्रेस ने चुनाव आयोग और एनडीए पर ‘वोट चोरी’ तथा सीधी मिलीभगत जैसे आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं। रुझान सामने आते ही कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर ईवीएम से लेकर गिनती प्रक्रिया तक सवाल उठाने शुरू कर दिए, मानो हार का कारण पहले से ही तय कर लिया हो। राजनीतिक विश्लेषक इसे कांग्रेस की हार की आशंका से उपजी बेचैनी बता रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग ने वोटिंग प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बताया है। कुल मिलाकर, कांग्रेस ने परिणाम से पहले ही खुद को बचाव की मुद्रा में खड़ा कर लिया है।
हिंदी हार्टलैंड में मोदी-नीतीश की जोड़ी का दबदबा
चुनाव एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, हिंदी पट्टी में इस बार भी मोदी नेतृत्व वाले गठबंधन का प्रभाव साफ दिख रहा है और एनडीए को आराम से जीत मिलती दिखाई दे रही है।
बीजेपी को इस चुनाव में महिला मतदाताओं, युवा वर्ग और लाभार्थियों का बड़ा समर्थन मिला है। जेडीयू ने भी कई ग्रामीण सीटों पर बढ़त बनाकर गठबंधन को मजबूत आधार दिया है।
क्या बनेगी सरकार?
अगर रुझान इसी तरह कायम रहते हैं, तो
एनडीए 160–175 सीटों के साथ आराम से बहुमत पार कर लेगा जो 2020 के मुकाबले भी काफी मजबूत स्थिति है।
राजनीतिक माहौल में सबसे बड़ा संदेश यही है कि बिहार की जनता ने इस बार स्थिरता, नेतृत्व, और गठबंधन की एकजुटता को तरजीह दी है।
निष्कर्ष
रुझानों ने साफ कर दिया है कि बिहार में
📌 बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी
📌 जेडीयू का दमदार प्रदर्शन
📌 एनडीए स्पष्ट बहुमत के बेहद करीब
📌 कांग्रेस और महागठबंधन हाशिये पर
एनडीए समर्थक इस नतीजे को ‘विकास का जनादेश’ बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे अभी भी ‘कड़ा मुकाबला’ बताने पर अड़ा है, हालांकि आंकड़े एक अलग कहानी कहते हैं।







